दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या पहुंची 42 , पुलिस ने दर्ज किए 148 केस, अब तक 630 लोग गिरफ्तार

Published : Feb 29, 2020, 08:36 AM IST
दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या पहुंची 42 , पुलिस ने दर्ज किए 148 केस, अब तक 630 लोग गिरफ्तार

सार

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए हिंसा में पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने अब तक 148 केस दर्ज किए हैं। जबकि 630 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, हिंसा में मरने वालों की संख्या 42 तक पहुंच गई है। जबकि 250 से अधिक लोग घायल हैं। पुलिस का दावा है कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में शांति है। 

नई दिल्ली. संशोधित नागरिकता कानून को लेकर उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा कुल 148 केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 630 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

फोरेंसिक टीम जुटा रही सबूत 

दिल्ली में हुए हिंसा की पुलिस जांच कर रही है। इसके साथ ही दोषियों को भी चिन्हित कर रही है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मनदीप सिंह रंधावा ने कहा कि फारेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला दलों को बुलाया गया है और अपराध के दृश्यों का फिर से मुआयना किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 148 केस में 25 मामले हथियार कानून के तहत दर्ज किए गए हैं।

रंधावा ने कहा, ‘‘जांच जारी है और हमनें एएसएल दलों को बुलाया है। हम अपराध के दृश्यों का फिर से मुआयना कर रहे हैं। हमने स्थिति पर काबू पा लिया है और हालात सामान्य हो रहे हैं। अधिकारियों के साथ क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती रहेगी। हमने अमन समितियों के साथ करीब 400 बैठकें की हैं।’’

अब तक 42 की मौत 

दिल्ली में हुए सांप्रदायिक हिंसा में मृतकों की संख्या बढ़कर 42 हो गयी है। जबकि 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनके कारण मुख्य रूप से जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, उनमें जाफराबाद, मौजपुर, चांदबाग, खुरेजी खास और भजनपुरा शामिल हैं।

सोनिया, राहुल समेत तमाम नेताओं के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग

दिल्ली हाईकोर्ट में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका वाड्रा, एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी, अकबरुद्दीन ओवैसी, वारिस पठान, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप विधायक अमानातुल्ला खान, अभिनेत्री स्वरा भास्कर के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने पर मामला दर्ज कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है।

23 फरवरी को हुई थी हिंसा की शुरुआत

दिल्ली के उत्तरपूर्वी इलाके में नागरिकता कानून के समर्थन और विरोध करने वाले दो गुटों के बीच झड़प से इस हिंसा की शुरुआत हुई थी। 23 फरवरी की रात को उपद्रवियों ने फिर हिंसा शुरू की। मौजपुर, करावल नगर, बाबरपुर, चांद बाग में पथराव और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। यह हिंसा 24 और 25 फरवरी को भी जारी रही।
 

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