
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बुधवार को राजधानी में वायु प्रदूषण रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली में दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड ऐप आधारित कैब नहीं चलेंगे। ऐसे कैब में सवार होकर दिल्ली नहीं आ सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद दिल्ली सरकार ने यह घोषणा की है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बाद में विस्तृत आदेश जारी किया जाना है। दिल्ली सरकार के आदेश के अनुसार राजधानी में सिर्फ वो कैब ही चलेंगी जिनका रजिस्ट्रेशन यहां हुआ है।
421 रिकॉर्ड किया गया दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स
दिल्ली में बुधवार को ओवरऑल एयर क्वालिटी 'गंभीर' श्रेणी में वापस आ गई। दो दिन पहले हवा की क्वालिटी में सुधार हुआ था, जिसके चलते यह 'बहुत खराब' श्रेणी में थी। एक दिन बाद ही हवा फिर से 'गंभीर' श्रेणी में वापस आ गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का ओवरऑल AQI (Air Quality Index) बुधवार सुबह 7 बजे 421 दर्ज किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं कई निर्देश
सुप्रीम कोर्ट हर साल वायु प्रदूषण की समस्या से जूझने वाले दिल्ली के लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश खासकर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अक्टूबर और नवंबर के महीनों के लिए हैं। मंगलवार को दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि जीआरएपी चरण IV लागू है। इसके बाद भी प्रदूषण फैलाने वाले वाहन शहर में खुलआम प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को दिल्ली की सीमाओं पर उचित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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जीआरएपी चरण IV के तहत सभी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया है। राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। परिवहन मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति की बहुत बारीकी से निगरानी कर रहा है। इस संबंध में कोई भी ढिलाई होने पर कोर्ट से सख्ती की जा सकती है।
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