
नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किले के पास हुए भयानक कार धमाके के बाद न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। धमाके के कुछ घंटे बाद पाकिस्तान ने राजस्थान बॉर्डर पर अपने फाइटर जेट्स की पेट्रोलिंग बढ़ा दी, जबकि ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों ने अपने नागरिकों को भारत यात्रा के दौरान सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है। सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली ब्लास्ट सिर्फ एक आतंकी वारदात थी, या इसके पीछे कोई बड़ा वैश्विक नेटवर्क छिपा है?
धमाके के तुरंत बाद पाकिस्तान की तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने इस्लामाबाद में इमरजेंसी बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, NSA और DG ISI देर रात तक हालात की समीक्षा करते रहे। पाकिस्तान की वायुसेना ने राजस्थान सीमा के ऊपर गश्त तेज कर दी है। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान की यह गतिविधि सिर्फ "सुरक्षा अभ्यास" नहीं, बल्कि एक "पॉलिटिकल सिग्नल" भी हो सकती है। क्या यह कदम भारत के आतंरिक हालात को देखते हुए एक दबाव बनाने की कोशिश है? या फिर पाकिस्तान को डर है कि भारत इस ब्लास्ट के बाद कोई बड़ा एक्शन ले सकता है?
ब्रिटिश विदेश मंत्रालय (FCDO) ने अपने नागरिकों को भारत-पाकिस्तान सीमा से 10 किलोमीटर के भीतर यात्रा न करने की सलाह दी है। साथ ही जम्मू-कश्मीर और मणिपुर जाने से भी मना किया गया है। अमेरिकी दूतावास ने भी लाल किले और उसके आसपास के पर्यटक स्थलों पर जाने से बचने की चेतावनी दी। फ्रांसीसी दूतावास ने कहा कि "धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ था, लेकिन अभी भी मृतकों की संख्या और विस्फोट का कारण स्पष्ट नहीं है।" इन देशों ने अपने नागरिकों को ‘फिल द आरियान’ पोर्टल पर पंजीकरण करने की सलाह दी है ताकि किसी भी इमरजेंसी में उनसे तुरंत संपर्क किया जा सके।
ईरान और मिस्र ने भारत के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि “हम इस दुख की घड़ी में भारत सरकार और भारतीय जनता के साथ खड़े हैं।” अर्जेंटीना की सरकार ने भी ट्वीट कर कहा कि वह पीड़ित परिवारों के साथ है और सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती है। दिलचस्प यह है कि इन देशों के संदेश लगभग एक जैसे थे- क्या यह सिर्फ एक ‘डिप्लोमैटिक शोक संदेश’ था, या भारत के प्रति समर्थन दिखाने की एक रणनीतिक पहल?
जांच में सामने आया कि जिस हुंडई i20 कार में धमाका हुआ, वह पहले सलमान नामक व्यक्ति की थी जिसने इसे नदीम को बेचा था। बाद में यह कार फरीदाबाद के ‘रॉयल कार ज़ोन’ डीलर के माध्यम से पुलवामा निवासी तारिक के पास पहुंची। तारिक का पुलवामा से संबंध होने के कारण जांच एजेंसियां सतर्क हैं। याद कीजिए, पुलवामा वही जगह है जहाँ 2019 में CRPF काफिले पर आतंकी हमला हुआ था।दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह धमाका फरीदाबाद में कुछ दिन पहले पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है, जिसमें 2900 किलो विस्फोटक रसायन बरामद किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुझम्मिल शकील और डॉ. आदिल राथर की गिरफ्तारी के बाद उनके साथियों ने जल्दबाजी में दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “एक i20 कार के पिछले हिस्से में हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट हुआ है।”
जांच एजेंसियां अब इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि कहीं यह ब्लास्ट किसी सीरीज़ अटैक का हिस्सा तो नहीं था, जिसे भारत की सुरक्षा एजेंसियों की तेजी से नाकाम कर दिया गया हो। NIA और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दोनों इस केस की जांच कर रही हैं। हरियाणा पुलिस, IB और RAW की टीमें भी इस मामले से जुड़े डिजिटल ट्रेल्स खंगाल रही हैं।
धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरी रेड फोर्ट एरिया को सील कर दिया है। लाल किला मेट्रो स्टेशन बंद कर दिया गया और NSG टीमों ने मौके पर सर्च ऑपरेशन चलाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि “धमाका इतना जोरदार था कि आसमान में आग का गोला दिखा और जमीन हिल गई।” दिल्ली ब्लास्ट ने एक बार फिर देश को दहला दिया है और अब जांच के धागे फरीदाबाद से होते हुए पुलवामा और पाकिस्तान तक जा रहे हैं। पाकिस्तान की अचानक सैन्य हलचल और विदेशी एडवाइजरीज़ ने इस पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
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