
Arvind Kejriwal returned to Tihar Jail: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने के बाद तिहाड़ जेल में रविवार को सरेंडर कर दिए। केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 21 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी। लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए जेल से बाहर आए केजरीवाल की जमानत 1 जून को समाप्त हो गई। 2 जून को कोर्ट ने उनको तिहाड़ जेल में सरेंडर करने को कहा था। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से केजरीवाल एक सप्ताह और बाहर रहना चाहते थे लेकिन तत्काल सुनवाई से कोर्ट ने इनकार कर दिया था।
तानाशाही के खिलाफ जा रहा हूं जेल
जेल वापस जाने के पहले अरविंद केजरीवाल ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। केजरीवाल ने कहा कि तानाशाही के खिलाफ लड़ने के लिए जेल जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि मुझे बिना किसी सबूत, रिकवरी के जेल में डाल दिया गया। देश में सबसे अधिक बहुमत से आई हुई सरकार बनाए हैं हम। हमारा वोट शेयर 55 प्रतिशत से अधिक है। इतने भारी बहुमत वाली सरकार के मुख्यमंत्री को उन्होंने बिना सबूत के जेल में डाल दिया। यही तो तानाशाही है कि जिसको चाहे जेल में डाल दिया। भगत सिंह ने कहा था कि जब सत्ता तानाशाही हो जाए तो जेल जिम्मेदारी बन जाती है। मैं तानाशाही के खिलाफ जेल जा रहा हूं। हम भगत सिंह के चेले हैं। भगत सिंह आजादी के लिए जेल गए, मैं इस देश को बचाने के लिए जेल जा रहा हूं। अब कब वापस आउंगा नहीं जानता हूं। मेरे खून का एक-एक कतरा देश के लिए है। उन्होंने कहा कि 4 तारीख को भी मंगलवार का दिन है। मैं हनुमान जी का भक्त हूं और हनुमान जी से मैं प्रार्थना कर रहा हूं कि इस देश को बचा लें।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के पहले अरविंद केजरीवाल, महात्मा गांधी की समाधि पर गए। वहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित किया। इसके बाद कनाट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर गए। केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल सहित आप नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें:
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.