
नई दिल्ली [भारत], 29 जून (एएनआई): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में 'सहकार से समृद्धि - सहकारिता सप्ताह 2026' का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी में सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए एक सहकारी जागरूकता वैन को भी हरी झंडी दिखाई।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित इस सप्ताह भर के अभियान में जागरूकता अभियान, सेमिनार, वृक्षारोपण अभियान, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
उद्घाटन कार्यक्रम में दिल्ली के सहकारिता मंत्री रविंद्र इंद्रज सिंह, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, मंत्री आशीष सूद, सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।
अभियान की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री ने सहकारी जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाने से पहले रंग-बिरंगे गुब्बारे भी छोड़े। यह वैन दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में यात्रा कर सहकारी संस्थाओं की भूमिका और लाभों के बारे में जागरूकता फैलाएगी। दिल्ली सचिवालय में नुक्कड़ नाटक और जन जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सहकारिता एक आर्थिक मॉडल से कहीं बढ़कर है और यह समाज को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विज्ञप्ति के अनुसार, सीएम गुप्ता ने कहा, "सहकारिता केवल एक आर्थिक प्रणाली नहीं है, बल्कि सामाजिक भागीदारी, आत्मनिर्भरता और सामूहिक विकास का एक शक्तिशाली माध्यम है। दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन को हर नागरिक तक ले जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"
उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारिता सप्ताह अधिक से अधिक लोगों को सहकारी संस्थाओं का हिस्सा बनने और समाज के आर्थिक व सामाजिक विकास में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
कार्यक्रम में बोलते हुए सहकारिता मंत्री रविंद्र इंद्रज सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रौद्योगिकी-संचालित शासन और अधिक पारदर्शिता के माध्यम से सहकारी संस्थाओं को आधुनिक बनाने के लिए काम कर रही है। सिंह ने कहा, "आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं और पारदर्शी शासन के माध्यम से सहकारी क्षेत्र को और मजबूत किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक जवाबदेह, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाना है ताकि सहकारी आंदोलन के माध्यम से आर्थिक समृद्धि को गति देते हुए लोगों को बेहतर सेवाएं दी जा सकें।"
उन्होंने कहा कि सहकारिता सप्ताह में सहकारी जागरूकता वैन, जन जागरूकता अभियान, सेमिनार, पैनल चर्चा, ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, वृक्षारोपण अभियान और दिल्ली भर में कई जनभागीदारी कार्यक्रम शामिल होंगे।
मंत्री के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के तहत अभियान के दौरान नरेला, द्वारका, रोहिणी और शहर के अन्य हिस्सों सहित विभिन्न स्थानों पर लगभग 10,000 पौधे लगाए जाएंगे।
सिंह ने कहा, "सहकारिता न केवल आर्थिक विकास का एक साधन है, बल्कि सामाजिक एकता, पारदर्शिता, सामूहिक जिम्मेदारी और आत्मनिर्भर भारत की नींव भी है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक नागरिक सहकारी आंदोलन का हिस्सा बनें और इसे अपनी आर्थिक व सामाजिक प्रगति के मार्ग के रूप में उपयोग करें।"
उन्होंने दिल्ली के निवासियों से सप्ताह भर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रधानमंत्री के "सहकार से समृद्धि" के विजन को एक जन आंदोलन में बदलने में योगदान करने की अपील की। मंत्री ने कहा कि "विकसित दिल्ली" और "विकसित भारत 2047" के विजन को प्राप्त करने में सामूहिक भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सप्ताह के दौरान, दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में सहकारी संस्थाओं की भूमिका, डिजिटल सहकारिता, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को उजागर करने वाले जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह का समापन 6 जुलाई को एक भव्य समापन समारोह के साथ होगा, जहां उत्कृष्ट सहकारी संस्थाओं, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और सहकारी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। (एएनआई)
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