TMC के करीब ₹440 करोड़ वाले बैंक खातों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस चरण पर राहत देने से इनकार किया। जिससे ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट को सुनवाई तेज करने को कहा। जानें पूरा TMC Bank Account Freeze Case।

TMC Bank Accounts Freeze: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मु मुसलसल मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसले में टीएमसी के 440 करोड़ रुपये वाले फ्रीज बैंक खातों के मामले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने पार्टी की याचिका को खारिज करते हुए साफ कह दिया कि इस मामले पर कलकत्ता हाई कोर्ट ही सुनवाई करेगा। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई में तेजी लाए, ताकि विवाद का जल्द से जल्द निपटारा हो सके।

TMC Bank Accounts: अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या दलील दी?

सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी के गुट की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बैंक खातों को फ्रीज किए जाने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट के सामने अपनी दलील रखते हुए कहा कि अगर पुलिस इस तरह से किसी राजनीतिक पार्टी के सभी बैंक खातों को सीज कर देगी, तो पार्टी के लिए अपनी राजनीतिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाना नामुमकिन हो जाएगा। सिंघवी का यह भी तर्क था कि इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था और विपक्षी दलों के कामकाज पर सीधा हमला है, जिससे राजनीतिक दलों का दम घुटने लगता है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उठाया असली टीएमसी का सवाल

दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह का मुद्दा उठाया। उन्होंने बेंच को बताया कि इस समय टीएमसी के दो अलग-अलग गुट बन चुके हैं और असली टीएमसी कौन है, यह बड़ा सवाल अभी भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के सामने लंबित है। इसके अलावा, चुनाव आयोग के 17 सितंबर के आदेश के तहत पार्टी का चुनाव चिह्न भी फ्रीज किया जा चुका है। एसजी मेहता ने कहा कि चूंकि मामला पहले से ही कलकत्ता हाई कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए उचित यही होगा कि वहीं सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएं।

₹440 करोड़ के TMC Accounts क्यों हुए Freeze?

गौरतलब है कि इस साल जून के महीने में टीएमसी के तीन प्रमुख बैंक खातों से पैसे निकालने (डेबिट ऑपरेशन) पर रोक लगा दी गई थी, जिनमें कुल मिलाकर करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं। पार्टी के कुछ बागी विधायकों की शिकायतों के बाद पुलिस ने यह सख्त कदम उठाया था, जिन्होंने इन फंड्स के असली स्रोतों और लेनदेन की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद अब सारा दारोमदार कलकत्ता हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिक गया है, जिससे ममता बनर्जी की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं।

TMC Bank Account Case में अब आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यह तय नहीं किया कि इन खातों की रकम पर अधिकार किस गुट का है। अदालत ने कहा कि ऐसे सवाल मुख्य मामले में तय किए जा सकते हैं। लिहाजा ₹440 करोड़ के इन खातों को लेकर कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। अब नजर कलकत्ता हाई कोर्ट की आगे की सुनवाई पर है। वहीं खाते, फंड के स्रोत और TMC के दोनों गुटों के दावों से जुड़े सवालों पर फैसला होना बाकी है।