
नई दिल्ली। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट से अल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 50,00 रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी है। उनपर बिना अनुमति के विदेश जाने पर रोक लगाया गया है। जुबैर के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने और समाज में दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। उन्होंने 2018 में एक ट्वीट किया था, जिसपर विवाद भड़क गया था।
अभी जेल में रहेंगे जुबैर
जज देवेंद्र कुमार जांगला ने जुबैर को 50,000 रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी और उन्हें अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने को कहा। जुबैर अभी जेल में रहेंगे। उन्हें अपने खिलाफ अन्य मामलों में राहत मिलने तक सलाखों के पीछे रहना होगा। जुबैर को 27 जून को दिल्ली पुलिस ने अपने एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जुबैर को उसी दिन निचली अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
जुबैर पर शुरू में आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना) और 295ए (किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण काम करना) के तहत आरोप लगाया गया था। बाद में दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से विदेशी चंदा प्राप्त करने के लिए आईपीसी की धारा 201 (सबूत गायब करना), 120बी (आपराधिक साजिश) और विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) की धारा 35 भी जुबैर के खिलाफ दर्ज केस में जोड़ा।
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जुबैर के खिलाफ दर्ज हैं सात केस
जुबैर ने 2018 के ट्वीट मामले में जमानत के लिए दिल्ली के एक कोर्ट का रुख किया था। उत्तर प्रदेश के हाथरस की एक कोर्ट ने गुरुवार को जुबैर को एक मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इस केस में भी जुबैर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है। जुबैर के खिलाफ सात केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से छह उत्तर प्रदेश और एक दिल्ली में दर्ज है।
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