
नई दिल्ली। दिल्ली MCD (Delhi Municipal Corporation) चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है। मतदान 4 दिसंबर को होगा और नतीजे 7 दिसंबर को आएंगे। दिल्ली चुनाव आयोग द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी गई। दिल्ली चुनाव आयुक्त विजय देव ने कहा कि एमसीडी का कार्यकाल मई में पूरा हो गया था। तीन नगर निकायों के विलय के चलते चुनाव कराने में देर हुई। अब चुनाव आयोग दिल्ली एमसीडी का चुनाव कराने के लिए तैयार है।
250 वार्डों में से 42 एससी के लिए रिजर्व किया गया है। इनमें से 21 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 250 में से 104 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 13655 पोलिंग बूथ पर चुनाव होगा। यहां चुनाव के दौरान सभी जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक मॉडल पोलिंग बूथ बनाया जाएगा। एक पोलिंग बूथ ऐसा होगा जहां सभी पोलिंग अधिकारी महिलाएं होंगी। आज से आचार संहिता लागू हो गई है।
7 नवंबर को जारी होगा नोटिफिकेशन
विजय देव ने कहा कि आज से दिल्ली में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मतदान 4 दिसंबर को होगा। वोटों की गिनती 7 दिसंबर को होगी और उसी दिन नतीजे आएंगे। 7 नवंबर को नोटिफिकेशन जारी होगा। प्रत्याशी चुनाव लड़ने के लिए 14 नवंबर तक अपना नामांकन दर्ज करा सकते हैं। प्रत्याशी 11 बजे से 3 बजे तक नामांकन दाखिल कर पाएंगे। नाम वापस लेने की आखिरी तारीफ 19 नवंबर है।
50 हजार से अधिक EVM का होगा इस्तेमाल
चुनाव आयोग ने बताया कि चुनाव में 50 हजार से अधिक ईवीएम का इस्तेमाल होगा। चुनाव कार्य के लिए एक लाख से अधिक कर्मचारियों की तैनाती होगी। दो हजार सेक्टर मजिस्ट्रेट और 68 जनरल ऑब्जर्वर को चुनाव के दौरान कोई अनियमितता नहीं हो इसके लिए तैनात किया जाएगा। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। 15 दिसंबर तक चुनाव की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। दिल्ली में कुल मतदाताओं की संख्या 1,46,73,847 है। इनमें 79,86,705 पुरुष, 66,86,081 महिला और 1,061 ट्रांसजेंडर हैं।
272 से घटकर 250 रह गई है वार्डों की संख्या
दिल्ली के तीन नगर निकायों के विलय के बाद पहली बार चुनाव हो रहा है। नए परिसीमन के बाद दिल्ली में वार्डों की संख्या 272 से घटकर 250 रह गई है। 42 वार्ड एससी (अनुसूचित जाति) के लिए रिजर्व हैं। चुनाव इस साल अप्रैल में होने थे, लेकिन तीन पूर्व नगर निकायों (उत्तरी दिल्ली नगर निगम, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम और पूर्वी दिल्ली नगर निगम) के विलय के कारण उन्हें स्थगित कर दिया गया था।
आप और बीजेपी के बीच होगी टक्कर
एमसीडी चुनाव में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। आप चुनाव जीतकर एमसीडी पर कंट्रोल पाने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा ने वायु प्रदूषण, लैंडफिल और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आप को घेर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस की कोशिश एमसीडी चुनाव में अपनी खोई हुई ताकत को फिर से पाने की है।
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8 लाख रुपए खर्च की अधिकतम सीमा
राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव व्यय पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है। इनकी जिम्मेदारी है कि वे चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर नजर रखें। राज्य चुनाव आयुक्त डॉ विजय देव ने बताया है कि प्रत्येक उम्मीदवार के लिए खर्च की अधिकतम सीमा 8 लाख रुपए है। 2017 में प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अधिकतम खर्च सीमा 5.75 लाख रुपए थी।
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