
नई दिल्ली। कोविड महामारी से दिल्ली त्राहिमाम कर रही है। दिल्ली हाईकोर्ट लगातार सुनवाई कर रहा लेकिन फिर भी स्थितियों में कोई खास तब्दीली नहीं दिख रही है। दिल्ली सरकार मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए एक एप के माध्यम से खाली बेड की उपलब्धता, वेंटीलेटर की व्यवस्था आदि की जानकारी रियल टाइम देने का दावा कर रही है। लेकिन हकीकत यह है कि एप या वेबसाइट पर अस्पतालों में बेड-वेंटीलेटर आदि की जो उपलब्धता बताई जा रही है वह चेक करने पर फर्जी साबित हो रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह कि अधिकतर अस्पताल फोन तक उठाने से परहेज कर रहे हैं।
वेबसाइट ने बताया 46 अस्पतालों में 1755 बेड खाली
दिल्ली राज्य के 46 अस्पतालों में वेबसाइट के अनुसार 1755 बेड खाली थे। इसमें वेंटीलेटर सपोर्ट वाले बेड भी शामिल थे। लेकिन जब अस्पतालों को लोगों ने काल किया तो अधिकतर के फोन उठे ही नहीं। कईयों का बिजी रहा तो तमाम आउट आॅफ सर्विस बताता रहा। 12 अस्पतालों ने फोन उठाया लेकिन केवल एक अस्पताल ने बेड खाली होने की बात स्वीकारी। वह भी केवल बच्चों के लिए बेड रिजर्व रखने के लिए बोला।
हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को रियल टाइम अपडेट का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के अस्पतालों में मौजूद बेड या अन्य चिकित्सीय सुविधाओं का रियल टाइम अपडेट रखने का आदेश दिया है। वेबसाइट पर अपडेट होने के साथ सभी अस्पतालों को डिजिटल बोर्ड भी लगाने को कहा है जहां सारे आंकड़े डिस्प्ले होते रहे।
दिल्ली में बिगड़ रहे हालात
दिल्ली में कोविड की वजह से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में 24149 नए संक्रमित मामले सामने आए। 381 लोगों की कोरोना की वजह से जान गई है। जबकि 17862 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। अबतक राज्य में 1072065 केस सामने आ चुके हैं।
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