सबरीमाला मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं तृप्ति देसाई, साथी बिंदु पर मिर्च पाउडर डाल कर किया गया हमला

Published : Nov 26, 2019, 10:11 AM ISTUpdated : Nov 26, 2019, 11:15 AM IST
सबरीमाला मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं तृप्ति देसाई, साथी बिंदु पर मिर्च पाउडर डाल कर किया गया हमला

सार

सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई और उनके साथी  बिंदु अम्मिनी कोच्ची पहुंची। बताया जा रहा कि कोच्चि आयुक्त कार्यालय के बाहर उनके ऊपर मिर्च पाउडर डालने की कोशिश की गई है।

कोच्चि. सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए महाराष्ट्र की सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई मंगलवार सुबह केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचीं। उनके साथ सबरीमाला मंदिर में दर्शन कर चुकीं बिंदु अम्मिनी भी हैं। 16 नवंबर को मंदिर के कपाट मंडल पूजा उत्सव के लिए खोले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में हर उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश दिए जाने का आदेश दिया था। हालांकि, इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर 7 जजों की बड़ी बेंच सुनवाई करेगी।

कोई नहीं रोक सकता 

भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक तृप्ति ने कहा, ‘‘आज संविधान दिवस है और हम सबरीमाला मंदिर में दर्शन के लिए आए हैं। हमें राज्य सरकार या पुलिस कोई नहीं रोक सकता। यदि रोका जाएगा, तो हम अदालत में अवमानना की अपील दायर करेंगे। मैं अपनी यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री और डीजीपी को पहले ही बता चुकी हूं। अब उनका कर्तव्य है कि वे हमें सुरक्षा प्रदान करें।’’ हाल ही में तृप्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा था।

बिंदू पर मिर्च पाउडर से हमला 

सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश दिए जाने को लेकर मचे हो हल्ला के बीच खबर आई है कि कोच्चि आयुक्त कार्यालय के बाहर तृप्ति देसाई के साथ पिछले साल सबरीमाला मंदिर जाने वाली बिंदु अम्मिनी के ऊपर हमला किया गया है। बिंदु अम्मिनी ने आरोप लगाया है कि आयुक्त कार्यालय के बाहर उनके ऊपर मिर्च पाउडर डालने की कोशिश की गई है। 

 

महिलाओं के खिलाफ का कर रही सरकार 

तृप्ति देसाई ने 16 नवंबर को कहा था, ‘‘सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा नहीं देने की बात कही थी, इसीलिए वे बिना सुरक्षा के सबरीमाला जा रही हैं। अब पुलिस के द्वारा उन्हें रोका जा रहा है। सरकार पूरी तरह से महिलाओं के खिलाफ काम कर रही है।’’ उन्होंने कहा था कि 2018 में सबरीमाला पर दिए फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। सरकार हमें सुरक्षा मुहैया कराए या नहीं, हम 20 नवंबर के बाद वहां जाएंगे। जो यह कहते हैं कि हमें पुलिस सुरक्षा के लिए कोर्ट से आदेश लाना चाहिए। वे कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं।’’

हिंसक विरोध के कारण नहीं जा सकी है महिलाएं 

सबरीमाला मंदिर के कपाट करीब दो महीने तक खुले रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में हर उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश दिए जाने का आदेश दिया था। इसके बाद अब तक दो बार मंदिर के पट खोले गए हैं। लेकिन, हिंसक विरोध के चलते कोई भी ऐसी महिला मंदिर में दर्शन करने नहीं जा सकी है, जिसकी उम्र 12-50 वर्ष के बीच हो।

सात जजों की बेंच कर रही है सुनवाई 

सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश दिलाए जाने की मांग जारी थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाते हुए सभी उम्र वर्ग की महिलाओं के लिए मंदिर का दरवाजा खोल दिया था। लेकिन कुछ लोगों द्वारा कोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ पुर्नविचार याचिका दाखिल किया था। जिस पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सात जजों की बेंच को यह मामला स्थानांतरित कर दिया था। साथ ही पुराने फैसले का बरकरार रखा था। 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

पायलट को मारने पर उतारू हुए यात्री, इंडिगो की किस फ्लाइट में और क्यों मचा हंगामा
कौन हैं NIA के नये मुखिया राकेश अग्रवाल? जानिए इनका पूरा ट्रैक रिकॉर्ड