
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पिछले दिनों यूके की अपनी यात्रा के दौरान कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में कहा था कि भारत में लोकतंत्र पर हमले हो रहे हैं। इस बयान के चलते बीजेपी राहुल गांधी से सदन में आकर देश से माफी मांगने की मांग कर रही है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी ने दूसरे देशों से भारत में हस्तक्षेप करने को कहा था।
संसदीय समिति की बैठक में राहुल गांधी ने अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी किसी विदेशी हस्तक्षेप की मांग नहीं की। राहुल गांधी ने कहा कि वह अपने इस स्टैंड पर कायम हैं कि भारत में लोकतंत्र पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सब जानते हैं। विदेश मामलों की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में राहुल ने कहा कि उन्हें अपने बयान के चलते "देश-विरोधी" करार नहीं दिया जा सकता।
विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की एक बैठक में हुई नोकझोंक
सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी ने यह बात विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की एक बैठक में की। बैठक में भाजपा सदस्यों ने बिना नाम लिए राहुल गांधी से ब्रिटेन में दिए गए बयान पर सवाल किए थे। इसके चलते सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी।
शशि थरूर ने ट्वीट कर दी जानकारी
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर नोकझोंक के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि G20 में भारत की विदेश नीति के उद्देश्यों पर विदेश मामलों पर सलाहकार समिति की बैठक कुछ सदस्यों द्वारा अनावश्यक रूप से राजनीतिकरण करने से प्रभावित हुई। राहुल गांधी ने उन्हें जोरदार जवाब दिया। थरूर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ पैनल के सदस्यों की तस्वीर भी ट्वीट की।
बैठक में भाजपा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि भारत "लोकतंत्र की जननी है, लेकिन देश को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने लोकतंत्र पर हमले की बातें की हैं, लेकिन भारतीय लोकतंत्र पर असली हमला आपातकाल में हुआ था।"
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