
एयर इंडिया। देश के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एयर इंडिया पर 30 लाख रुपये का वित्तीय जुर्माना लगाया है। एयर इंडिया पर इतना भारी-भरकम जुर्माना इसलिए लगाया गया क्योंकि उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट पर एक 80 साल के बुर्जुग यात्री को व्हीलचेयर नहीं दी थी। जिसकी वजह से बुर्जुग यात्री को खुद चलना पड़ा और बाद में चलने के क्रम में गिरने से मौत गई।
मुंबई एयरपोर्ट से जुड़ा मामला बीते 12 फरवरी की है, जब 80 साल के बाबू पटेल की कथित रूप से मौत हो गई थी। बाबू पटेल अपनी 76 साल की पत्नी नर्मदाबेन पटेल के साथ न्यूयॉर्क से मुंबई लैंड हुए थे। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए DGCA ने आरोपी एयरलाइंस एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। DGCA ने सेक्शन-3 सीरीज-एम पार्ट-1 के तहत एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन्होंने नोटिस के जरिए एयर इंडिया के 7 दिनों के भीतर अपना जवाब देने को कहा था। DGCA ने पूछा था कि बुजुर्ग दंपती ने पहले ही 2 व्हीलचेयर बुक कराई थी तो फिर उन्हें एक ही व्हीलचेयर क्यों दी गई थी।
DGCA ने मामले को लेकर शुरू की जांच
मुंबई समेत देश के तमाम एयरपोर्ट पर जरूरतों को लेकर DGCA ने जांच शुरू कर दी है कि कौन से एयरपोर्ट पर कैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। हालांकि, DGCA के जनवरी के जारी आंकड़ों पर गौर किया जाए तो देशभर में विभिन्न एयरलाइंस दिव्यांग यात्रियों के मामले में गंभीर नहीं है। ये एक चिंता का विषय है। बीते महीने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हैदराबाद में विंग्स इंडिया 2024 इंवेंट को संबोधित करते हुए कहा था कि 2030 तक देश में हवाई यात्रियों की संख्या बढ़कर दोगुनी यानि 300 मिलियन (30 करोड़) हो जाएगी। इस जादुई आंकड़े के बावजूद बुर्जुग को व्हीलचेयर न देने की गलती को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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