
नई दिल्ली. दिल्ली सहित आसपास के क्षेत्रों में कोरोनावायरस महामारी और बिगड़ती वायु की गुणवत्ता को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी ने बड़ा फैसला किया है। एनजीटी ने 9 नवंबर की आधी रात से 30 नवंबर तक दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा किया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को भी दिल्ली में कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन दिल्ली वायु प्रदूषण के गंभीर श्रेणी में है।
देश में किन-किन जगहों पर लागू होगा आदेश?
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि आदेश देश के सभी शहरों और कस्बों पर लागू होगी, जहां नवंबर के दौरान AQI खराब, बहुत खराब और गंभीर है।, लेकिन जहां एयर क्वालिटी सही या मॉडरेट है, वहां पटाखों को चलाया जा सकता है।
23 राज्यों के 122 शहरों में खराब वायु गुणवत्ता
ट्रिब्यूनल ने बुधवार को 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 122 शहरों को लेकर खराब वायु गुणवत्ता का जिक्र किया। ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा था कि इस अवधि के दौरान पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की दिशा पर विचार करना पड़ सकता है।
खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों में दिल्ली, वाराणसी, भोपाल, कोलकाता, नोएडा, मुजफ्फरपुर, मुंबई, जम्मू, लुधियाना, पटियाला, गाजियाबाद, पटना, गया, चंडीगढ़ आदि शहर शामिल हैं।
दिल्ली में 7 लोग गिरफ्तार, 600 किलोग्राम पटाखे बरामद
दिल्ली पुलिस ने रविवार को पटाखों की बिक्री के लिए जारी सभी लाइसेंसों को निलंबित कर दिया और कहा कि एनजीटी के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंध के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में पटाखे बेचने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया और उनसे लगभग 600 किलोग्राम पटाखे बरामद किए।
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