भारतीयों के लिए Good News, यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल हुआ हमारा यह त्योहार

Published : Dec 11, 2025, 09:50 AM IST
Diwali

सार

यूनेस्को ने दिवाली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। यह भारत की 16वीं विरासत है, जिसे वैश्विक पहचान मिलेगी। इस मान्यता से देश में पर्यटन और पारंपरिक कलाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली : भारतीयों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! रोशनी के त्योहार दिवाली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में जगह मिल गई है। यह फैसला बुधवार को लाल किले में हुई यूनेस्को की बैठक में लिया गया। यह इस सूची में शामिल होने वाली भारत की 16वीं विरासत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़ी हस्तियों ने इस पर खुशी जताई है। भारत में पाकिस्तान के राजदूत ने भी बधाई दी है।

दिवाली को यह दर्जा अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए बनी अंतर-सरकारी समिति (ICH) के 20वें सत्र में दिया गया। भारत ने 2023 में यूनेस्को से दिवाली को मान्यता देने की सिफारिश की थी। इससे पहले कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्रोच्चार और रामलीला को भी यूनेस्को से मान्यता मिल चुकी है। इंडोनेशिया, मलेशिया, गुयाना और अमेरिका के कई राज्य पहले से ही दिवाली को मान्यता देते हैं और वहां इस दिन सरकारी छुट्टी होती है।

इस घोषणा का क्या महत्व है?

यूनेस्को की मान्यता से दिवाली सिर्फ भारत या हिंदुओं का त्योहार न रहकर, इसे एक वैश्विक पहचान मिलेगी। देश में होने वाले बड़े दीपोत्सव विदेशियों को आकर्षित करेंगे, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। त्योहार के दौरान इस्तेमाल होने वाली हस्तशिल्प की चीजें, पारंपरिक कपड़े और मिठाइयां भी दुनिया भर में मशहूर होंगी।

दिवाली को वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता

दिवाली का त्योहार हमारी संस्कृति से गहराई से जुड़ा है और यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। इसे यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किए जाने से इस त्योहार को वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता मिलेगी। भगवान श्री राम के आदर्श हमेशा हमारा मार्गदर्शन करते रहें। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

हर भारतीय के लिए दिवाली एक भावनात्मक त्योहार है। पीढ़ियों से मनाए जा रहे इस त्योहार को लोग जीते हैं और महसूस करते हैं। यूनेस्को की यह मान्यता इस विरासत को जीवित रखने की हमारी जिम्मेदारी को और बढ़ाती है। -गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति मंत्री

मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा, यह फैसला बीजेपी और मोदी का है: भागवत

चेन्नई: आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा, यह बीजेपी और खुद मोदी ही तय करेंगे।' इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया है कि उत्तराधिकारी के फैसले में संघ की कोई भूमिका नहीं होगी। चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि 'क्या आप मोदी के उत्तराधिकारी होंगे?', तो भागवत ने जवाब दिया, 'मोदी के बाद कौन प्रधानमंत्री बनेगा, इस पर फैसला पार्टी और खुद मोदी ही लेंगे।'

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