
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास बसे दूरदराज के दो गांवों के लोगों के लिए साल 2024 नई उम्मीद और खुशियां लेकर आया। आजादी के 75 साल बाद भी इन दो गांवों में बिजली नहीं आई थी। शाम ढलते ही गांव अंधेरे में डूब जाता था। बुधवार को यहां पहली बार बिजली पहुंचाई गई तो लोग खुशी से झूम उठे।
इन गांवों के नाम कुंडियां और पतरू हैं। यहां के लोगों ने बुधवार को पहली बार बिजली आने की खुशी का अनुभव किया। सीमा के पास बसे गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा समृद्ध सीमा योजना चलाई जा रही है। इसके तहत दो 250 केवी सब-स्टेशनों को स्थापित किया गया था। बुधवार को कश्मीर के मंडलायुक्त वीके भिदुरी ने इनका उद्घाटन किया।
बिजली आने से बहुत खुश हैं कुंडियां और पतरू गांव के लोग
जम्मू-कश्मीर सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि बिजली आने से कुंडियां और पतरू गांव के लोग बहुत खुश हैं। गांव के लोगों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। मनोज सिन्हा के प्रशासन ने लंबे समय से अलग-थलग रहे समुदायों तक ग्रिड कनेक्टिविटी पहुंचाई है।
स्विच ऑन होते ही रोशनी से जगमगा उठे घर
प्रवक्ता ने बताया कि जैसे ही बिजली का स्विच ऑन हुआ लोगों के घर रोशनी से जगमगा उठे। गांव के लोग खुशी और उल्लास से भर गए। लोग दशकों से जिस बिजली का इंतजार कर रहे थे उसके आने की खुशी हर किसी के चेहरे पर दिख रही थी। कश्मीर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (केपीडीसीएल) इलेक्ट्रिक डिवीजन कुपवाड़ा ने विद्युतीकरण परियोजना को रिकॉर्ड दो महीने में पूरा किया गया।
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