
वर्ल्ड न्यूज डेस्क. यूक्रेन-रूस विवाद (Russia-Ukraine Conflict) ने सारी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने आशंका जताई है कि रूस 16 फरवरी को आक्रमण कर सकता है। इसे देखते हुए यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) स्थित भारतीय दूतावास(Embassy) ने भारतीय छात्रों को यहां से चले जाने को कहा है। दूतावास की ओर से 15 फरवरी को जारी एडवायजरी में मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए उन भारतीय छात्रों को अस्थायी तौर पर यूक्रेन छोड़ने को कहा गया है, जिनका यहां रहना आवश्यक नहीं है। भारत में इजरायल के दूत नाओर गिलोन ने कहा कि हम अपने दूतावास छोड़ रहे हैं। हमने दूतावास के अंदर राजनयिक ताकतें बढ़ा दी हैं। यूक्रेन में रहने वाले लगभग 15,000 इजरायली और यहूदी समुदाय के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करीन है। हमने सभी को जाने के लिए कहा है। हालांकि, सभी लोगों ने देश नहीं छोड़ा है।
यूक्रेन की आशंका के बाद खलबली
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskiy) ने सोशल मीडिया पोस्ट में आशंका जताई कि रूस 16 फरवरी को आक्रमण कर सकता है। जेलेंस्की ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उन्हें बताया गया है कि 16 फरवरी हमले का दिन है। यूक्रेन इस दिन एकता दिवस मनाएगा। इससे जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
कई देशों ने अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने को कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन(Joe Biden) युद्ध की आशंका के मद्दनेजर अमेरिकियों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह पहले ही दे चुके थे और अब यूक्रेन से दूतावास(embassy) भी खाली किए जा रहे हैं। यूक्रेन से अपने नागरिकों को निकालने के लिए करीब एक दर्जन देशों ने आह्वान किया है। यूक्रेन छोड़ने का आह्वान करने वालों में संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, आयरलैंड, बेल्जियम, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड, कनाडा, नॉर्वे, एस्टोनिया, लिथुआनिया, बुल्गारिया, स्लोवेनिया, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इज़राइल, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
पश्चिमी खुफिया रिपोर्ट ने मचाया हड़कंप
एक पश्चिमी खुफिया रिपोर्ट ने यूरोप में चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट का दावा है कि रूरू से अभ्यास के नाम पर इतने ज्यादा सैनिकों को तैनात कर दिया है कि वो कभी भी यूक्रेन पर चारों तरफ से हमला कर सकता है। इसकी शुरुआत कीव से हो सकती है। रूस बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकता है। बता दें कि इस समय रूस की सेना बेलारूस में हैं। यहां वो संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है। 10 दिन का यह युद्धाभ्यास 10 फरवरी से शुरू हुआ है। हालांकि पश्चिमी देशों के एक्सपर्ट मानते हैं कि यह सिर्फ छल है। हकीकत में रूस हमला करने की तैयारी कर रहा है। इस समय 1.30 लाख रूसी सैनिक यूक्रेन के चारों तरफ जमा हैं। लड़ाकू विमान गश्त कर रहे हैं।
यह है विवाद की मुख्य वजह
रूस यूक्रेन की नाटो की सदस्यता का विरोध कर रहा है। लेकिन यूक्रेन की समस्या है कि उसे या तो अमेरिका के साथ होना पड़ेगा या फिर सोवियत संघ जैसे पुराने दौर में लौटना होगा। दोनों सेनाओं के बीच 20-45 किमी की दूरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन पहले ही रूस को चेता चुके हैं कि अगर उसने यूक्रेन पर हमला किया, तो नतीजे गंभीर होंगे। दूसरी तरफ यूक्रेन भी झुकने को तैयार नहीं था। उसके सैनिकों को नाटो की सेनाएं ट्रेनिंग दे रही हैं। अमेरिका को डर है कि अगर रूस से यूक्रेन पर कब्जा कर लिया, तो वो उत्तरी यूरोप की महाशक्ति बनकर उभर आएगा। इससे चीन को शह मिलेगी। यानी वो ताइवान पर कब्जा कर लेगा।
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