Cancer Detection AI : क्या अब AI बताएगा कैंसर का इलाज? क्या है ‘iOncology.ai’ जो बदल देगा कैंसर इलाज की पूरी तस्वीर? आखिर कैसे करेगा काम ये AI सिस्टम? क्या कैंसर की इस डिवाइज से क्या डॉक्टरों का काम हो जाएगा आसान?
AI Based Cancer Treatment : नई दिल्ली के एम्स (AIIMS) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने मिलकर एक कमाल का AI प्लेटफॉर्म बनाया है। इसका नाम है 'iOncology.ai'। यह पूरी तरह से भारत में बना है और इसका खास मकसद देश में ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर का जल्दी पता लगाने, जांच करने और इलाज की प्लानिंग में मदद करना है।

AIIMS और C-DAC का बड़ा कमाल
- एक रिलीज के मुताबिक, हाल ही में इस प्लेटफॉर्म को 'डिजिटल इंडिया आस्क एक्सपर्ट्स' प्रोग्राम के एक एपिसोड में दिखाया गया। यह प्रोग्राम डिजिटल इंडिया के यूट्यूब चैनल पर लाइव आता है।
- 'iOncology.ai' को खासतौर पर भारत को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह डॉक्टरों, पैथोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट को AI से मिले डेटा के जरिए मदद करेगा, ताकि वे तेजी से और सबूतों के आधार पर इलाज से जुड़े फैसले ले सकें।
- इस एपिसोड में C-DAC की प्रोग्राम डायरेक्टर लक्ष्मी पनत, एम्स नई दिल्ली के बायोकेमिस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रोफेसर अशोक शर्मा और ICMR-सेंटर फॉर कैंसर पैथोलॉजी, नई दिल्ली की साइंटिस्ट ई और पैथोलॉजी हेड डॉ. फौजिया सिराज शामिल हुए।
कैंसर मरीजों के लिए AI का नया हथियार
- इन एक्सपर्ट्स ने बताया कि कैसे देश में बने डिजिटल इनोवेशन हेल्थकेयर सिस्टम को बदल रहे हैं और कैंसर के सटीक इलाज को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं।
- रिलीज के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) इकोसिस्टम से भी जोड़ा गया है। इससे मरीजों का डेटा एक सुरक्षित यूनिफाइड डैशबोर्ड पर आ जाएगा, जिसे हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स अपनी भूमिका के हिसाब से देख सकेंगे।
- एक्सपर्ट्स ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्लेटफॉर्म हेल्थकेयर सिस्टम पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद करेगा। आजकल मरीजों की बढ़ती संख्या, जांच में देरी और मेडिकल संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं आम हैं। यह प्लेटफॉर्म जांच में मदद करके और इलाज से जुड़ी जानकारी तक पहुंच आसान बनाकर इन दिक्कतों को दूर करेगा।
अब गांव में भी होगा कैंसर का इलाज
- इस प्लेटफॉर्म को बनाने में ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉक्टरों, पैथोलॉजिस्ट और AI टेक्नोलॉजी के जानकारों ने मिलकर काम किया है। इसके AI मॉडल को भारतीय मेडिकल डेटा पर ट्रेन किया गया है, जो इसे और भी सटीक बनाता है।
- प्रोग्राम में इसके 'टेलीपैथोलॉजी' जैसे फीचर्स के बारे में भी बताया गया। इसकी मदद से दूर-दराज और छोटे जिलों में भी हेल्थकेयर की पहुंच बेहतर हो सकेगी। स्पेशलिस्ट डॉक्टर डिजिटली जांच और सलाह दे पाएंगे।
‘iOncology.ai’ क्या बदल देगा कैंसर इलाज
- 'iOncology.ai' के फ्यूचर प्लान भी काफी दिलचस्प हैं। इसमें "डिजिटल ट्विन" टेक्नोलॉजी पर काम करना शामिल है। यह एक तरह से मरीज का सॉफ्टवेयर मॉडल होगा, जिससे यह स्टडी किया जा सकेगा कि इलाज का उस पर कैसा असर हो रहा है। साथ ही, कैंसर के पर्सनलाइज्ड इलाज के लिए मल्टी-ओमिक्स डेटा को भी इसमें जोड़ा जाएगा।
- एक्सपर्ट्स ने लोगों को सलाह दी कि वे कैंसर का जल्दी पता लगाने को गंभीरता से लें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए खुद से दवा न लें और न ही इंटरनेट पर मौजूद सामान्य AI टूल्स पर भरोसा करें। हमेशा क्वालिफाइड डॉक्टर से ही सलाह लें।


