शादीशुदा लोगों को कैंसर का खतरा कम क्यों? स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शादीशुदा लोगों को कैंसर का खतरा काफी कम होता है. सिल्वेस्टर और मियामी यूनिवर्सिटी की इस स्टडी के मुताबिक, शादी और एक स्थिर दांपत्य जीवन कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है.

शादी की अंगूठी और सेहत का राज
सिल्वेस्टर और मियामी यूनिवर्सिटी की स्टडी ने कई रोचक बातें बताई हैं। इसमें कहा गया है कि शादीशुदा लोगों को कैंसर का खतरा कम होता है। यहां तक कि शादी की अंगूठी पहनने वाली महिलाओं में भी कैंसर का जोखिम कम हो जाता है।
शादी की अंगूठी का क्या फायदा है?
यूनिवर्सिटी ने 40 लाख कैंसर मामलों की स्टडी के बाद यह रिपोर्ट दी है। इसमें पाया गया कि शादी की अंगूठी पहनने वाली महिलाओं में कैंसर का पता पहले स्टेज में ही चल जाता है। आजकल स्मार्ट रिंग भी आती हैं जो शरीर में बदलावों, ब्लड प्रेशर और हार्मोनल चेंजेज को ट्रैक करती हैं।
पार्टनर की निगरानी से कैंसर का पता चलता है
शादीशुदा जोड़े कैंसर का शुरुआती पता लगाने में अहम भूमिका निभाते हैं। पार्टनर शरीर में होने वाले छोटे-मोटे बदलाव या गांठ को भी नोटिस कर लेते हैं। स्टडी के मुताबिक, अविवाहित पुरुषों में एनल कैंसर का खतरा 5 गुना और अविवाहित महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा 3 गुना ज्यादा होता है।
पुरुषों के स्वास्थ्य पर विवाह का प्रभाव
बैचलर अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज करते हैं और उनकी लाइफस्टाइल भी हेल्दी नहीं होती। रिपोर्ट के अनुसार, शादीशुदा पुरुषों में कैंसर और उससे होने वाली मौत का खतरा 70% तक कम होता है। स्टडी कहती है कि इसके पीछे पत्नी की देखभाल और सेहत को लेकर अनुशासन मुख्य वजह है।
सरवाइकल कैंसर का खतरा
शादीशुदा महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम होता है। प्रेग्नेंसी और हार्मोनल साइकिल उन्हें प्राकृतिक सुरक्षा देते हैं। वहीं, पार्टनर की कमी और असंतुष्ट जीवन से क्रॉनिक स्ट्रेस बढ़ता है, जो शरीर में सूजन और खतरनाक हार्मोनल बदलावों का कारण बनता है। यह कैंसर सेल्स को बढ़ने में मदद करता है।
इलाज के दौरान पार्टनर का सहारा
कैंसर का इलाज दर्दनाक और मनोबल तोड़ने वाला होता है। ऐसे में पार्टनर का साथ और आत्मविश्वास तेजी से ठीक होने में मदद करता है। यह स्टडी बताती है कि शादी सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि सेहत के लिए एक 'रक्षा कवच' भी है।