
नई दिल्ली. कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रही दुनिया के लिए एक अच्छी खबर है। यूरोपियन यूनियन(EMA) ने 12 से 17 साल की उम्र के बच्चों के लिए दूसरी कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। यह है मॉर्डना की स्पाइकवैक्स। इससे पहले इसी उम्र के बच्चों के लिए EMA ने मई में फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी दी थी।इधर,ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली(AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि बच्चों के लिए कोवैक्सीन का ट्रायल जारी है। सितंबर तक इसके आंकड़े सार्वजनिक हो सकते हैं।
स्पाइकवैक्स का रिजल्ट बेहतर निकला
स्पाइकवैक्स वैक्सीन के लिए 12 से 17 साल की उम्र के 3732 बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल किया गया था। इसके पाया गया कि बच्चों में जबर्दस्त एंडीबॉडीज बनीं। यानी ठीक वैसी, जैसा 18 से 25 साल की उम्र के लोगों में देखी गईं। इस वैक्सीन की 4 हफ्ते के अंतर पर दो डोज लगाई जाएंगी।
12 साल से कम उम्र के बच्चों पर हो रहा ट्रायल
इस बीच फाइजर ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर ट्रायल शुरू किया है। इसके लिए 4 देशों से 4500 बच्चे चुने गए हैं। इससे पहले मई में एस्ट्राजेनेका ने 6 से 17 साल तक के बच्चों पर ब्रिटेन में स्टडी शुरू कर दी थी। जॉनसन एंड जॉनसन पर बच्चों की वैक्सीन पर काम कर रहा है। चीन की सिनोवैक ने अपनी वैक्सीन का असर 3 साल तक के बच्चों पर प्रभावी बताया है।
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