यूरोपीयन यूनियन की प्रमुख आ रहीं भारत, पीएम मोदी से करेंगी बात, क्या कम होगा शराब, कार पर टैरिफ?

Published : Feb 27, 2025, 02:54 PM ISTUpdated : Feb 27, 2025, 02:56 PM IST
Ursula von der Leyen

सार

यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन दो दिन की भारत यात्रा पर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगी। व्यापार, टैरिफ, कार और शराब पर कर जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। क्या होगा इस अहम मुलाकात का नतीजा?

European Union chief Ursula von der Leyen India visit: यूरोपीयन यूनियन (EU) की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन दो दिन की यात्रा पर भारत आ रहीं हैं। उनकी बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। इस दौरान व्यापार और टैरिफ, खासकर शराब और कारों पर एजेंडे में सबसे ऊपर होंगे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ को लेकर यूरोप के देशों को कड़ी बातें सुना रहे हैं। इस बीच EU प्रमुख की भारत यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा कि यह यात्रा दोनों क्षेत्रों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। यह यूरोपीय संघ और भारत के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण सप्ताह होगा।

भारत और यूरोप के बीच व्यापार व टैरिफ पर होगी बात

यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगी। यात्रा से पहले, वॉन डेर लेयेन ने भारत को यूरोपीय संघ के "सबसे भरोसेमंद मित्रों और सहयोगियों में से एक" बताया है। उन्होंने कहा कि "भू-रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के इस युग में, यूरोप खुलेपन, साझेदारी और आउटरीच के लिए खड़ा है।"

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उर्सुला वॉन और नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली बातचीत का मुख्य एजेंडा मुक्त व्यापार समझौते और यूरोपीय संघ-भारत व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) का जायजा लेना होगा।

यह भी पढ़ें- केंद्रीय कैबिनेट ने वक्फ बिल को दी मंजूरी, 10 मार्च को होगा संसद में पेश

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध हैं। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत और EU के बीच 2023 में 124 बिलियन यूरो (11 लाख करोड़ रुपए) मूल्य का कारोबार हुआ। यह भारत के कुल व्यापार का 12 प्रतिशत से अधिक है। भारत और यूरोप के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत 2022 में फिर से शुरू हुई थी। अगले दौर की बातचीत 10-15 मार्च को ब्रुसेल्स में होने वाली है।

मुक्त व्यापार समझौते के साथ-साथ दोनों पक्ष ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) पर भी चर्चा करेंगे। 2022 में औपचारिक रूप से घोषित टीटीसी डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश पर चर्चा करने का एक मंच है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में BJP के आने से राज्यों के बीच रगड़ा खत्म, क्या यमुना नदी का होगा उद्धार? सुप्रीम कोर्ट ने भी किया कमेंट

कार और वाइन पर टैरिफ मामले पर भी होती बात

EU प्रमुख और प्रधानमंत्री के बीच होने वाली बातचीत में टैरिफ भी बड़ा मुद्दा होगा। यूरोप के देश भारत द्वारा कार, वाइन और स्पिरिट जैसे सामानों के आयात पर लगाए जाने वाले टैरिफ को कम कराने की कोशिश में हैं। यूरोपीय संघ चीन से जोखिम कम करना चाहता है। इसके लिए वह भारत की ओर देख रहा है खासकर वाइन और व्हिस्की जैसी वस्तुओं के मामले में। इसके बदले भारत यूरोपीय संघ के सेवा क्षेत्र के साथ बेहतर एकीकरण की तलाश कर रहा है। भारत की कोशिश अपने कुशल श्रमिकों के लिए अधिक अवसर पैदा करने की है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

UGC के नए नियम पर क्यों मचा है घमासान? आसान भाषा में समझें पूरा विवाद
India-European Trade Deal: कार, वाइन, पास्ता, इंडिया-EU डील में क्या-क्या सस्ता?