
EVM hacking video: लोकसभा चुनाव 2024 का आगाज हो चुका है। चुनाव अभियान के दौरान कई तरह की भ्रामक सूचनाएं भी सामने आ रही हैं। चुनाव में ईवीएम हैक किए जाने संबंधी भी कई भ्रामक वीडियो सर्कुलेट किए जा रहे हैं। हालांकि, भारत चुनाव आयोग ने इन वीडियोज को फेक करार दिया है। आयोग का कहना है कि ईवीएम हैक करने की भ्रामक सूचना तमाम प्लेटफार्म पर डाले जा रहे हैं जोकि गलत है।
हैक किया जा रहा वीडियो चुनाव आयोग का नहीं
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि वीडियो में जिस ईवीएम को हैक किया जा रहा है, वह चुनाव आयोग की नहीं है। चुनाव आयोग ने कहा कि दावा पूरी तरह से गलत है और दिखाया गया ईवीएम ईसीआई ईवीएम नहीं है। वीडियो में दिख रही ईवीएम नकली है। ईसीआई ईवीएम को हैक या हेरफेर नहीं किया जा सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब ईवीएम हैकिंग का दावा सामने आया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि वह जिन ईवीएम का उपयोग करता है, वे हैक-प्रूफ हैं। आयोग के अनुसार, ईवीएम में सेफ्टी कंट्रोलर्स होते हैं जो एक बार की प्रोग्रामिंग (ओटीपी) चरण से गुजरते हैं जिससे आगे की प्रोग्रामिंग को रोका जा सकता है। माइक्रोकंट्रोलर्स के बारे में तकनीकी विवरण निर्माताओं की वेबसाइटों पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।
आयोग ने बताया कि ईवीएम एक स्टैंडअलोन डिवाइस है जिसमें ईवीएम सिस्टम से परे कोई बाहरी वायर्ड या वायरलेस कनेक्टिविटी नहीं है। बैलेट यूनिट (बीयू), कंट्रोल यूनिट (सीयू) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) की प्रत्येक इकाई डिजिटल प्रमाणपत्रों से सुसज्जित है। कनेक्ट होने पर म्यूचुअल सर्टिफिकेशन से गुजरती है। इसलिए अन्य मशीन को ईसीआई-ईवीएम से जोड़ना असंभव है।
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