फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक नौगाम पुलिस स्टेशन में फटे- 7 की मौत-29 घायल, क्या ये हादसा था?

Published : Nov 15, 2025, 07:42 AM IST
naugam police station blast

सार

जम्मू कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक सैंपलिंग के दौरान फट गए। धमाके में 7 लोगों की मौत, 29 घायल। कई कारें जलीं। यह घटना लाल किला कार ब्लास्ट के बाद होने से जांच एजेंसियाँ आतंकी कनेक्शन की संभावना भी देख रही हैं। 

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में देर रात ऐसा धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। यह विस्फोट साधारण नहीं था—यह उन विस्फोटकों का सेट था जो फरीदाबाद से आतंकी कनेक्शन में जब्त किए गए थे। सैंपलिंग चल ही रही थी कि अचानक जोरदार धमाका हुआ। आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक घर हिल गए, खिड़कियों के शीशे खुल-बंद होने लगे और पूरा थाना आग की लपटों से भर गया। वीडियो में दिखा कि कई वाहन मौके पर जलकर खाक हो गए। धमाके में एक पुलिस अधिकारी, FSL टीम के सदस्य और एक मजिस्ट्रेट समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हुए।

क्या नौगाम धमाका ‘दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट’ से जुड़ा है?

इस घटना ने सवाल इसलिए और गहरे कर दिए हैं क्योंकि कुछ ही दिन पहले दिल्ली के लाल किले के पास कार में हुआ आतंकी विस्फोट देश को हिलाकर रख चुका है। उस कार में 90 किलो से अधिक विस्फोटक भरे थे और उसका चालक था डॉ. उमर उन नबी, जो जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ बताया गया। जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा मॉड्यूल फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था। इसीलिए नौगाम थाने में फटे विस्फोटकों को लेकर सुरक्षाबलों और जांच एजेंसियों ने कड़ी सतर्कता दिखाई है।

 

 

अल फलाह विश्वविद्यालय क्यों आया जांच के घेरे में?

क्या यह एक ‘वाइट कॉलर’ आतंकी नेटवर्क था?  जांच में फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय का नाम भी सामने आता है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस मॉड्यूल से जुड़े कई लोग-

  • डॉ. मुज़म्मिल शकील
  • डॉ. निसार-उल-हसन
  • डॉ. शाहीन
  • डॉ. अदील राठेर

इसी विश्वविद्यालय से जुड़े पाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह लोग विश्वविद्यालय के भवन नंबर 17, कमरा नंबर 13 में बैठकर योजनाएं बनाते थे। यह खुलासा यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या यह एक संगठित, बहु-राज्यीय, ‘सफेदपोश’ आतंकी नेटवर्क था?

क्या सैंपलिंग प्रक्रिया में चूक हुई या विस्फोटक पहले से अस्थिर थे?

धमाके का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। जांच एजेंसियां दो प्रमुख संभावनाओं पर काम कर रही हैं-

  • क्या विस्फोटक पहले से अत्यधिक संवेदनशील या अस्थिर थे?
  • क्या सैंपलिंग प्रक्रिया में कोई तकनीकी त्रुटि हुई?

यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसमें किसी आतंकी रणनीति का कोई छिपा कोण तो नहीं।

कई राज्यों में छापेमारी, NIA और ATS की संयुक्त कार्रवाई जारी

उत्तर प्रदेश में मॉड्यूल के कुछ सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ा। टीमें हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और यूपी में लगातार छापेमारी कर रही हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि "किसी भी हालत में अपराधियों को सजा मिलेगी।" पुलवामा में मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी का घर प्रशासन ने बम से उड़ा दिया।

उमर उन नबी का घर विस्फोट से उड़ाया गया-केंद्र का सख्त संदेश

पुलवामा में मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी के घर को प्रशासन ने बम से उड़ा दिया। सरकार ने साफ कहा है कि “आतंक फैलाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”

क्या दोनों धमाकों का एक ही ‘कनेक्शन’?

नौगाम थाने का धमाका और लाल किला कार ब्लास्ट एक के बाद एक होने से जांच टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। क्या यह संयोग है?या दोनों के पीछे एक ही नेटवर्क काम कर रहा है? जवाब अभी जांच के बाद ही मिलेगा… लेकिन देश की सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी सक्रियता के साथ काम कर रही हैं।

 

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