कर्ज माफी की मांग को लेकर नागपुर में किसानों ने किया प्रदर्शन, ट्रेनों को रोकने की दी चेतावनी

Published : Oct 29, 2025, 11:46 AM IST
Maharashtra Farmers Protest

सार

Maharashtra Farmers Protest: महाराष्ट्र में किसानों का कर्ज माफी को लेकर आंदोलन नागपुर में लगातार दूसरे दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारियों ने नागपुर से हैदराबाद को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया है। 

Maharashtra Farmers Protest: महाराष्ट्र में किसानों का कर्ज माफी को लेकर आंदोलन नागपुर में लगातार दूसरे दिन भी जारी है। पूर्व मंत्री और प्रहार पार्टी के नेता बच्चू कडु की अगुवाई में हजारों किसान सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने नागपुर को हैदराबाद से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया है। बच्चू कडु ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया तो दोपहर 12 बजे के बाद ट्रेनें रोकी जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारे किसान कर्ज में डूब रहे हैं। अगर राज्य सरकार के पास पैसे नहीं हैं, तो केंद्र सरकार को मदद करनी चाहिए।” किसानों का आरोप है कि सरकार बार-बार वादे करती है, लेकिन अब तक कर्ज माफी नहीं हुई। साथ ही सूखे से प्रभावित किसानों को भी राहत नहीं दी गई है।

हजारों किसान सड़कों पर उतरे

महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन अब जोर पकड़ता जा रहा है। नागपुर में कर्जमाफी की मांग को लेकर हजारों किसान सड़कों पर उतर आए हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व प्रहार पार्टी के प्रमुख और पूर्व मंत्री बच्चू कडु कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि किसानों की हालत बेहद खराब है लेकिन सरकार सिर्फ वादे कर रही है उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।

यह भी पढ़ें: Cyclone Montha: आंध्र तट से 100 KM की स्पीड से टकराया मोंथा तूफान, सुबह तक पहुंचेगा ओडिशा

12 बजे के बाद ट्रेन रोकने की  कही बात

बच्चू कडु ने चेतावनी देते हुए कहा अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो आज दोपहर 12 बजे के बाद किसान ट्रेनें रोक देंगे।  मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया था जो नागपुर को हैदराबाद से जोड़ता है। किसानों का कहना है कि सरकार बार-बार आश्वासन तो देती है लेकिन कर्जमाफी और सूखे से राहत के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बच्चू कडु ने आगे कहा, “हमारी मांग है कि किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए। सोयाबीन की फसल के लिए किसानों को छह हजार रुपये दिए जाएं और हर फसल पर 20 प्रतिशत बोनस मिलना चाहिए। मध्य प्रदेश में किसानों के लिए भावांतर योजना चल रही है, लेकिन महाराष्ट्र में ऐसी कोई योजना नहीं है। यहां किसानों को उनकी फसलों का पूरा दाम तक नहीं मिल रहा। मुख्यमंत्री के पास किसानों से मिलने का समय नहीं है।”

उन्होंने बताया कि इस समय एक से डेढ़ लाख किसान आंदोलन में शामिल हैं, जबकि करीब एक लाख और किसान नागपुर की ओर आ रहे हैं। किसान संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं हैं तो आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा।

 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Read more Articles on

Recommended Stories

ईरान एयरस्पेस बंद का बड़ा असर: एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट प्रभावित-जानें विकल्प
मकर संक्रांति: कहीं गर्दन की हड्डी रेती तो कहीं काटी नस, चाइनीज मांझे की बेरहमी से कांप उठेगा कलेजा