
Farmers Protest for MSP: दिल्ली बॉर्डर पर डेट किसान बुधवार को दिल्ली कूच का ऐलाान कर दिए हैं। हजारों की संख्या में बॉर्डर पर डटे किसानों ने सरकार के आदेश पर लगाए गए बैरिकेड्स और लोहे के कीलों को तोड़ने के लिए बड़ी-बड़ी पोकलेन मशीनें और जेसीबी मशीनें मंगवाई हैं। पुलिस के आंसू के गोलों और रबर बुलेट्स से बचाने के लिए मशीनों को मॉडिफाई करवाया गया है। इन मशीनों पर केबिन्स बनाए गए हैं जोकि लोहे की मोटी-मोटी शीट्स से बनाए गए हैं। बख्तरबंद गाड़ियों की तरह इन पर पत्थर, लाठी, आंसू गैसे के गोलों या गोलियों का सामान्य तरीके से असर नहीं होगा।
सरकार और किसानों के बीच चौथे दौर की वार्ता विफल होने और केंद्र सरकार द्वारा केवल 5 फसलों पर पांच साल के लिए पुरानी एमएसपी गारंटी देने के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद किसानों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया था।
एमएसपी सहित अन्य मांगों पर अड़े किसान…
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रस्ताव किसानों की मांगों और उसके आंदोलन को दिशाहीन करना है। एसकेएम ने कहा कि सरकार का किसानों की मांगों से भटकाने वाला प्रस्ताव किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं है। बीजेपी ने 2014 के आम चुनाव के पहले अपने घोषणा पत्र में यह वादा किया था कि सभी 23 फसलों की एमएसपी गारंटी देगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने जोर देकर कहा कि यह खरीद स्वामीनाथन आयोग के सी2+50 प्रतिशत एमएसपी या न्यूनतम समर्थन मूल्य फार्मूले पर आधारित होनी चाहिए न कि मौजूदा ए2+एफएल+50 प्रतिशत पद्धति पर होनी चाहिए।
दरअसल, भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल और किसानों के बीच चार राउंड की वार्ता हो चुकी है। केंद्र सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई चौथे राउंड की वार्ता में मोदी सरकार की ओर से पांच फसलों पर पांच साल के लिए पुरानी एमएसपी गारंटी के प्रस्ताव को संयुक्त किसान मोर्चा ने खारिज कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर…
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