
चमोली, उत्तराखंड. जिले के जोशीमठ में रविवार सुबह ग्लेशियर टूटने की बड़ी घटना सामने आई है। पानी के सैलाब से ऋषि गंगा डैम टूट गया है। पानी का सैलाब तेजी से नीचे की ओर बह रहा है। आशंका है कि इससे हरिद्वार, केदरनाथ, बद्रीनाथ तक अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने हाईअलर्ट जारी किया है। नदी के किनारे से लोगों को हटाया जा रहा है। घटना सुबह करीब 10.30 से सामने आई। बता दें कि ऋषि गंगा नदी आगे जाकर गंगा में मिलती है। यहां श्रीनगर जल विद्युत परियोजना को झील का पानी कम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से रोकना है। चमोली के एसपी यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि टीम मौके पर पहुंचाई गई हैं। नुकसान का आकलन का बाद में पता चलेगा। ग्लेशियर फटने से तपोवन बैराज पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। इस आपदा में ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट और एनटीपीसी के प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है। बताया जाता है कि प्रोजेक्ट में लगे 150 लोग लापता हैं।
- बताया जा रहा है कि ऋषिगंगा प्रोजेक्ट पर काम कर रहे 20 लोग और एनटीपीसी के प्रोजेक्ट में काम कर रहे 150 लोगों के बहने की आशंका है। इसके अलावा आईटीबीपी ने तपोवन प्रोजेक्ट में काम कर रहे टनल में फंसे 16 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है।
पीएम मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया
पीएमओ के मुताबिक, चमोली में आई आपदा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है। इसके साथ ही आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारवालों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।
पल पल की जानकारी ले रहे पीएम मोदी- अमित शाह
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, मैं उत्तराखंड की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा हूं। भारत उत्तराखंड के साथ खड़ा है और राष्ट्र सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता है। वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बात कर रहा हूं और एनडीआरएफ की तैनाती, बचाव और राहत कार्यों पर अपडेट ले रहा हूं।
अमित शाह ने ट्वीट किया, उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा के बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, ITBP डीजी और NDRF डीजी से बात की। सभी संबंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य के लिए निकल गयी हैं। देवभूमि को हर संभव मदद दी जाएगी। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीमें दिल्ली से एयरलिफ्ट की जा रही हैं।
राष्ट्रपति कोविंद ने जताया दुख
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया, उत्तराखंड के जोशीमठ के पास ग्लेशियर टूटने से उस क्षेत्र में हुए भारी नुकसान के समाचारों से बहुत चिंता हुई है। मैं लोगों की सुरक्षा और सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं। मुझे विश्वास है कि मौके पर राहत एवं बचाव कार्य पूरी तैयारी से चलाए जा रहे हैं।
सीएम ने कहा अफवाहों से दूर रहें..
इस बीच उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करके कहा है कि लोग अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। उधर, लोगों को ऊंची जगहों पर जाने को कहा गया है। नदी किनारे साहसिक खेल गतिविधियों को रोक दिया गया है। पानी का यह सैलाब करीब 250 किमी का सफर तय करेगा। इस बीच यह कितना नुकसान पहुंचाएगा, यह बाद में पता चलेगा। हादसा जिले के रेणी गांव के पास हुआ। आशंका है कि ग्लेशियर धोनी नदी के किनारे रहने वाले करीब 50 लोगों को बहाकर ले गया है। हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1070 और 9557444486 जारी किए। सरकार ने अपील की है कि इस घटना के बारे में पुराने वीडियो पोस्ट करके अफवाह न फैलाएं।
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क्या हैं ग्लेशियर और क्यूं टूटते हैं
ग्लेशियर ( Glacier) या हिमानी या हिमनद एक विशाल आकार के बर्फीले पहाड़ों को कहते हैं। ये पर्वतों से नीचे की ओर गतिशील होते हैं। जैसे-जैसे ग्लेशियर के ऊपरी हिस्से पर बर्फ का भार बढ़ता जाता है, उसकी निचले हिस्से पर दबाव पड़ने लगता है। ग्लेशियर पिघलने की एक बड़ी वजह ग्लोबल वार्मिंग, वनों का कटना माना जाता है। इससे गुरुत्वाकर्षण बढ़ता है और ग्लेशियर पिघलने लगते हैं। जब भी किसी ग्लेशियर का कोई हिस्सा टूटकर उससे अलग होता है, तो इसे तकनीकी रूप से काल्विंग (Glacier Calving) कहते हैं।
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