संसद में पहुंचने के लिए डेढ़ दर्जन पूर्व मुख्यमंत्री भी थे चुनाव मैदान में...देखिए कौन जीता, किसको जनता ने नकारा

Published : Jun 04, 2024, 05:43 PM ISTUpdated : Jun 05, 2024, 05:04 PM IST
MP Election Counting

सार

यह लोकसभा चुनाव कई मायनों में खास रहा। इस चुनाव में दर्जनों मंत्री-पूर्व मंत्री तो भाग्य आजमा ही रहे थे, 17 पूर्व सीएम भी सांसद बनने की आस में जनता के दरबार में थे। हालांकि, आए नतीजों में साफ है कि कईयों को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है। 

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे और रूझान से साफ है कि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिली है। हालांकि, एनडीए के दल बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए दिख रहे हैं जबकि इंडिया गठबंधन कड़ी टक्कर दे रहा है। यह लोकसभा चुनाव कई मायनों में खास रहा। इस चुनाव में दर्जनों मंत्री-पूर्व मंत्री तो भाग्य आजमा ही रहे थे, 17 पूर्व सीएम भी सांसद बनने की आस में जनता के दरबार में थे। हालांकि, आए नतीजों में साफ है कि कईयों को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है।

17 पूर्व मुख्यमंत्रियों में किसको मिली जीत-कौन हारा...

चरणजीत सिंह चन्नी: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस के टिकट पर जालंधर लोकसभा सीट से चुनाव जीते हैं। चन्नी ने बीजेपी प्रत्याशी सुशील कुमार रिंकू को 175993 वोटों के अंतर से हराया है। आम आदमी पार्टी के पवन कुमार टीनू 208889 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे। चरणजीत चन्नी को 390053 वोट मिले हैं।

भूपेश बघेल: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी इस लोकसभा चुनाव में राजनंदगांव सीट से चुनाव मैदान में थे। लेकिन कांग्रेस के भूपेश बघेल, बीजेपी प्रत्याशी संतोष पांडेय से करीब 43998 वोटों से पीछे हैं।

शिवराज सिंह चौहान: मध्य प्रदेश में मामा के रूप में प्रसिद्ध पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदिशा संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के सिंबल पर चुनाव मैदान में थे। वह कांग्रेस के प्रतापभानू शर्मा से सात लाख से अधिक वोटों से चुनाव जीते हैं।

दिग्विजय सिंह: मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह राजगढ़ से चुनाव मैदान में थे। कांग्रेस कैंडिडेट दिग्विजय सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के रोडमल नागर से पिछड़ रहे हैं।

अखिलेश यादव: यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव कन्नौज संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे थे। अखिलेश यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के सुब्रत पाठक से एक लाख से अधिक वोटों से आगे थे।

नबाम टुकी: अरुणाचल प्रदेश के कांग्रेस सरकार के पूर्व सीएम नवाब टुकी भी अरुणाचल वेस्ट सीट से चुनाव लड़ रहे थे। वह केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से करीब 96315 वोटों से पीछे हैं।

सर्बानंद सोनोवाल: असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल डिब्रूगढ़ सीट से चुनाव मैदान में थे। बीजेपी प्रत्याशी सर्बानंद सोनोवाल अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी असम जातीय परिषद के लुरिनज्योति गोगोई से करीब 2 लाख 75 हजार वोटों से आगे हैं।

मनोहर लाल खट्टर: मुख्यमंत्री पद से हटाए गए हरियाणा के मनोहर लाल खट्टर को बीजेपी ने इस बार करनाल सीट से चुनाव लड़ाया था। खट्टर का मुकाबला कांग्रेस के दिव्यांशु बुद्धिराजा से था। खट्टर 2 लाख 90 हजार से अधिक वोटों से आगे हैं।

उमर अब्दुल्ला: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवार के रूप में बारामूला से मैदान में थे। उनको निर्दलीय उम्मीदवार अब्दुल राशिद शेख ने हराया है।

महबूबा मुफ्ती: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, अनंतनाग-राजौरी सीट से पीडीपी उम्मीदवार थीं। महबूबा को नेशनल कांफ्रेंस के कैंडिडेट मियां अल्ताफ अहमद ने 2.5 लाख से अधिक वोटों से हराया है।

अर्जुन मुंडा: झारखंड के पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा भी खूंटी सीट से चुनाव हार गए हैं। मुंडा को कांग्रेस कैंडिडेट कालीचरण मुंडा ने हराया है।

जगदीश शेट्टार: कर्नाटक के पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार, इस बार बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में बेलगाम सीट से प्रत्याशी थे। वह साढ़े चार लाख से अधिक वोट पाकर चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस कैंडिडेट मृणाल हेब्बालकर को हराया है।

बसवराज बोम्मई: कर्नाटक के पूर्व सीएम बसवराज बोम्मई भी बीजेपी प्रत्याशी के रूप में हावेरी से चुनाव लड़ रहे थे। बोम्मई अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार आनंदस्वामी से आगे हैं।

एचडी कुमार स्वामी: कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी भी मांड्या संसदीय क्षेत्र से जेडीएस के प्रत्याशी हैं। वह कांग्रेस के वेंकटरमाने गौड़ा से आगे हैं। एचडी कुमारस्वामी, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के सुपुत्र हैं।

नारायण राणे: महाराष्ट्र के पूर्व सीएम नारायण राणे, इस बार रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग संसदीय क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी थे। वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिवसेना यूबीटी के विनायक राउत से आगे हैं।

बिप्लव कुमार देब: त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लव कुमार देब, बीजेपी प्रत्याशी के रूप में त्रिपुरा पश्चिम सीट से मैदान में थे। वह कांग्रेस के आशीष कुमार साहा से छह लाख से अधिक वोटों से लीड कर रहे थे।

त्रिवेंद्र सिंह रावत: उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार से बीजेपी प्रत्याशी थे। वह अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के वीरेंद्र रावत से काफी आगे हैं।

 

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