
नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अस्थियों को रविवार को दिल्ली में यमुना नदी में प्रवाहित किया गया। 'अस्थि विसर्जन' के लिए गुरुद्वारा मजनू का टीला के पास यमुना घाट पर अनुष्ठान किया गया। इस दौरान मनमोहन सिंह के परिवार के लोग और कुछ सिख नेता मौजूद थे। गांधी परिवार से कोई सदस्य नहीं आए थे। कोई बड़ा कांग्रेसी नेता भी नजर नहीं आया।
शनिवार को मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया था। रविवार को सिख परंपरा के अनुसार उनका अस्थि विसर्जन हुआ। डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर और परिवार के अन्य लोग निगम बोध घाट से राख और अवशेष लेकर गुरुद्वारा मजनू का टीला पहुंचे। यहां शबद कीर्तन, पाठ और अरदास किया गया। इसके बाद अस्थि विसर्जन किया गया।
मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार पर राजनीति जारी है। सार्वजनिक श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र पर पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान करने का आरोप लगाया है। दावा किया कि सरकार ने न केवल मनमोहन सिंह बल्कि उनके परिवार का भी अनादर किया है। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए दुख की इस घड़ी का फायदा उठाने का आरोप लगाया है।
निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार संपन्न होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान है। सरकार को उनके प्रति सम्मान दिखाना चाहिए था। उन्होंने X पर पोस्ट किया, "भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर करवाकर सरकार द्वारा उनका सरासर अपमान किया गया है। एक दशक के लिए वह भारत के प्रधानमंत्री रहे। उनके दौर में देश आर्थिक महाशक्ति बना। उनकी नीतियां आज भी देश के गरीब और पिछड़े वर्गों का सहारा हैं। आज तक सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों की गरिमा का आदर करते हुए उनके अंतिम संस्कार अधिकृत समाधि स्थलों में किए गए ताकि हर व्यक्ति बिना किसी असुविधा के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दे पाए। डॉ. मनमोहन सिंह हमारे सर्वोच्च सम्मान और समाधि स्थल के हकदार हैं। सरकार को देश के इस महान पुत्र और उनकी गौरवशाली कौम के प्रति आदर दिखाना चाहिए था।"
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसके जवाब में कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान से पता चलता है कि उनकी मानसिकता कितनी घृणित है। वे अंतिम संस्कार तक पर राजनीति कर रहे हैं। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। केंद्र ने स्मारक के लिए जगह आवंटित की है। उनके परिवार को इस बारे में सूचित किया है। कांग्रेस "सस्ती राजनीति" कर रही है।
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