59000 करोड़ के राफेल डील में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए फ्रांस ने नियुक्त किया जज, यहां पॉलिटिक्स शुरू

Published : Jul 03, 2021, 08:31 AM ISTUpdated : Jul 03, 2021, 03:13 PM IST
59000 करोड़ के राफेल डील में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए फ्रांस ने नियुक्त किया जज, यहां पॉलिटिक्स शुरू

सार

फ्रांस निर्मित फाइटर प्लेन राफेल की खरीद में उठे कथित भ्रष्टाचार की फ्रांस में न्यायिक जांच कराई जा रही है। फ्रांस सरकार ने इसके लिए एक जज को नियुक्त किया है। बता दें कि राफेल डील को लेकर कांग्रेस अकसर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती रही है।

नई दिल्ली. राफेल डील को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद में एक नया मोड़ आया है। फ्रांस ने इस डील से जुड़े कथित भ्रष्टाचार न्यायिक जांच कराने का आदेश दिया है। इसके लिए एक जज की नियुक्ति की गई है। फ्रांसीसी ऑनलाइन जर्नल मेडियापार्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में हुई भारत-फ्रांस के बीच इस डील की संवेदनशीलता को देखते हुए औपचारिकतौर पर 14 जून से जांच शुरू कर दी गई थी। हालांकि 2 जून को फ्रांसीसी लोक अभियोजन सेवाओं की वित्तीय अपराध शाखा ने इसकी पुष्टि की है।

बार-बार उठता रहा है मामला
फ्रांस की एक वेबसाइट मीडियापार्ट ने अप्रैल, 2021 में राफेल डील में कथित भ्रष्टाचार का मामला उठाया था। मेडियापार्ट ने यह तक दावा किया था फ्रांस की सार्वजनिक अभियोजन सेवाओं की वित्तीय अपराध शाखा के पूर्व प्रमुख इलियाने हाउलेट ने कथिततौर पर इसकी जांच को रोक दिया था। हालांकि अब वर्तमान प्रमुख जीन-फ्रेंकोइस बोहर्ट इसकी जांच कराने में दिलचस्पी ले रहे हैं। इस डील पर पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांकोइस होलांदे, मौजूदा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन (तब वित्त मंत्री) और विदेश मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन (तब रक्षा विभाग संभाल रहे थे) ने हस्ताक्षर किए थे।

कांग्रेस ने की जेपीसी जांच की मांग
इस मामल में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जांच संयुक्त संसदीय कमेटी(जेपीसी) से कराने की मांग की है। सुरेजवाला ने कहा कि जब भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, तो सरकार जेपीसी से जांच क्यों नहीं करवाती है?

भाजपा का जवाब
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा-फ्रांस में राफेल सौदे को लेकर जांच होने वाली है। यह स्वाभाविक है। किसी NGO ने फ्रांस की कोर्ट में शिकायत की थी, इस जांच को भ्रष्टाचार की नज़र से देखना ठीक नहीं है। लेकिन इसपर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी जिस तरह से राजनीति कर रहे हैं वह दुखद है।

भारत में सुप्रीम कोर्ट खारिज की चुकी जांच की संबंधी याचिकाएं
हालांकि भारत में राफेल डील से जुड़ीं तमाम याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुकी है। संसद में और बाहर राहुल गांधी अकसर इस डील को 1 लाख 30 हजार करोड़ की बताकर सनसनी फैला चुके हैं। लेकिन तत्कालीन वित्तमंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली लोकसभा में स्पष्ट कर चुके हैं कि यह डील 58 हजार करोड़ से अधिक की है। इस डील के तहत 36 विमान खरीदे जाने हैं।
  
भारत ने फ्रांस से 36 राफेल की डील की
भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 59 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की है। इनके तहत भारत को 30 लड़ाकू और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट मिलेंगे। भारत में 29 जुलाई को चीन से विवाद के बीच 5 राफेल मिले थे। इसके बाद 4 नवंबर 2020 को 3 विमान मिले। वहीं, तीसरे बैच में 27 जनवरी को 3 राफेल लड़ाकू विमान भारत आए। इसी महीने तीन और राफेल भारत आए हैं। अभी तक 14 लड़ाकू विमान भारत आ चुके हैं। राफेल की पहली स्क्वाड्रन अंबाला एयरफोर्स बेस पर तैनात की गई है। वहीं, दूसरी स्क्वाड्रन प बंगाल के हाशिमारा में तैनात की जाएगी।

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