
लखनऊ. उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह (Minister Kalyan Singh) का गंगा किनारे अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र राजवीर सिंह ने मुखाग्नि दी है। हजारों लोग अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई के लिए पहुंचे थे।
इससे पहले उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव मढ़ौली में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। अंतिम संस्कार बुलंदशहर जिले के नरौरा कस्बा स्थित गंगा घाट पर किया जा रहा है।
गृहमंत्री अमित शाह कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने कहा-कल्याण सिंह जी का इस दुनिया से चले जाना भाजपा के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनके जाने के साथ भाजपा ने अपना एक दिग्गज और हमेशा संघर्षरत रहने वाला नेता खोया है। देशभर और विशेषकर उत्तर प्रदेश के दबे-कुचलों और पिछड़ों ने अपना एक हित चिंतक गंवाया है। श्रद्धांजलि देने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, प्रहलाद पटेल, BJP के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी पहुंचे।
लंबी बीमारी के बाद हुआ था निधन
राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रहे कल्याण सिंह का 89 साल की उम्र में 21 अगस्त को निधन हो गया था। उन्होंने लखनऊ के SGPGI हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली थी। कल्याण सिंह 48 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और 7 दिनों से वेंटीलेटर पर थे। कल्याण सिंह यूपी में भाजपा के पहले सीएम थे। उन्होंने पहली बार सीएम बनने के बाद मंत्रिमंडल के सीधे अयोध्या में जाकर राम मंदिर बनाने की शपथ ली थी।
कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर
कल्याण सिंह 1967 में पहली बार अतरौली से विधानसभा का चुनाव जीता। इसके बाद 1980 में बनी भाजपा से उन्होंने 1985 के विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की। वह तब से लेकर 2004 के विधानसभा चुनाव तक अतरौली से लगातार विधायक का चुनाव जीतते रहे।
देशभर में शोक की लहर
रविवार को पूर्व सीएम के आवास पर पहुंचकर पीएम मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं, सरकार के मंत्री-विधायकों ने उनको श्रद्धासुमन अर्पित की है। यूपी ने तीन दिनों का राजकीय शोक व एक दिन का अवकाश घोषित किया है जबकि उत्तराखंड ने एक दिन का राजकीय घोषित किया है। राजस्थान में कांग्रेस की गहलोत सरकार ने भी कल्याण सिंह के सम्मान में दो दिनों का राजकीय शोक व एक दिन के अवकाश का ऐलान किया है।
बीजेपी के सबसे तेज तर्रार नेताओं में होती थी गिनती
कल्याण सिंह की पहचान भारतीय जनता पार्टी में तेज तर्रार नेताओं में होती थी। वह कोई भी बयान देने से नहीं चूकते थे। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 6 दिसंबर 1992 को मुख्यमंत्री पद से खुद ही इस्तीफा दे दिया था। यह मामला सीबीआई की विशेष अदालत में कई सालों तक चला हाल ही में उन्हें अदालत ने सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था।
( फोटो: अलीगढ़ के महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्टेडियम में दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते लोग)
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