इंडिया की प्रेसिडेंसी में आयोजित इस शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में पीएम नरेंद्र मोदी ने साझा घोषणा पत्र के बारे में जानकारी दी। पीएम मोदी ने बताया कि सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली डिक्लेयरेशन को पास कर दिया। घोषणा पत्र में यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के वॉर पर संयुक्त राष्ट्र में दिए गए स्पीच का अंश भी जोड़ा गया कि यह युद्ध का युग नहीं है।
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साझा घोषणा पत्र में यह बताया गया कि भारत की पहल पर वन फ्यूचर अलायंस बनाया जाएगा। सभी देश सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल पर काम करेंगे। सभी देशों को यूएन चार्टर के नियमों के मुताबिक काम करने के प्रस्ताव पर सहमति।
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जी20 देश मिलकर बायो फ्यूल अलायंस बनाएंगे। इस अलायंस में संस्थापक सदस्य भारत, ब्राजील और अमेरिका होंगे। ग्रीन और लॉ कार्बन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर काम किया जाएगा।
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वन अर्थ-वन फैमिली-वन फ्यूचर के मंत्र के साथ जी20 देश काम करेंगे। ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर जोर दिया जाएगा।
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मल्टीलेट्रल डेवलेपमेंट बैंको को बेहतर और मजबूत किया जाएगा। यह जी20 देशों में व्यापक स्तर पर अधिक कारगर तरीके से फंक्शन करने के लिए तैयार होंगे।
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क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक ग्लोबल पॉलिसी बनाने को लेकर बातचीत की जाएगी।
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कर्ज को लेकर बेहतर व्यवस्था बनाने को लेकर भारत ने कॉमन फ्रेमवर्क बनवाने की बात पर जोर दिया है। दुनिया में तेजी से विकास करने वाले शहरों को फंड किया जाएगा।
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दुनिया में कहीं भी आतंकवाद का हर तरह से हर रूप में आलोचना किया गया। घोषणा पत्र में आतंकवाद का 9 बार जिक्र है। इसकी सर्वसम्मति से आलोचना की गई।