
Gaganyaan Mission: स्वतंत्रता दिवस पर गगनयान मिशन से जुड़े अपडेट्स ISRO ने जारी किया है। स्पेस जैसी स्थितियों में एस्ट्रोनॉट्स ने अपनी ट्रेनिंग शुरू कर दी है। ट्रेनिंग के दौरान स्पेस जैसे मॉड्यूल में अंतरिक्ष यात्री रहेंगे। इसरो के वीडियो में स्पेस मॉड्यूल में एस्ट्रोनॉट्स योग करते हुए दिख रहे हैं। यह ट्रेनिंग उनको स्पेस के लिए अभ्यस्त होने और शरीर को उस लेवल पर सामान्य परफार्म करने के लिए होता है।
ट्रेनिंग में एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष यान में रहने, जीरो ग्रेविटी में अपने काम करते हुए स्पेस में आने वाली चुनौतियों से मुकाबला के लिए सामान्य किया जाता है। ताकि वह शारीरिक और मानसिक स्तर पर अंतरिक्ष में रहने के लिए तैयार हो सकें।
क्या है गगनयान मिशन?
गगनयान मिशन, भारत का स्पेस मिशन है जिसमें एस्ट्रोनॉट्स की एक टीम को पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर पृथ्वी के लो-ऑर्बिट में ले जाना है। इस मिशन को इसरो के मजबूत हेवी-लिफ्ट लॉन्चर LVM-3 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। ये 3 स्टेज में लॉन्च होगा। पहले सॉलिड स्टेज होगी, उसके बाद लिक्विड स्टेज और फिर क्रायोजेनिक स्टेज शामिल है। गगनयान मिशन का पहला अनमैन्ड मिशन होगा। अनमैन्ड मिशन में ह्यूमेनॉयड रोबोट यानी इंसान की तरह दिखने वाले रोबोट व्योममित्र को भेजा जाएगा। अगर ये सफल रहता है तो इंसान को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी की जाएगा। भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान 2025 में हो सकती है।
चार अंतरिक्ष यात्रियों का किया गया है चयन
गगनयान मिशन के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का सेलेक्शन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारों नामों का ऐलान किया था। केरल की राजधानी के पास थुम्बा में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में पीएम मोदी ने सेलेक्ट किए गए एस्ट्रोनॉट्स से मुलाकात कर उनको बधाई भी दी थी। मिशन के लिए सेलेक्ट किए गए अंतरिक्ष यात्रियों में भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रशांत बालकृष्णन नायर, अजीत कृष्णन, अंगद प्रताप और सुभांशु शुक्ला शामिल हैं।
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