
GPAI Summit 2023 New Delhi: जीपीआईए समिट का समापन गुरुवार को हुआ। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, जल शक्ति और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता यानी एआई के भविष्य को आकार देने में भारत अहम भूमिका निभाएगा।
आईटी राज्यमंत्री यहां भारत मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जीपीएआई) शिखर सम्मेलन के समापन पर गुरुवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में शामिल हुए सभी 29 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने एआई के लिए भविष्य को निर्धारित करने के लिए साथ मिलकर काम करने पर अपनी समहति जताई।
ग्लोबल साउथ के देशों को भी शामिल करना चाहिए
केंद्रीय राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा: हमने हेल्थकेयर और एग्रीकल्चर के लिए एक साथ मिलकर अपडेटेड, एडवांस और फ्रेंडली प्लेटफार्म बनाने का निर्णय लिया है जिससे दुनियाभर के लोगों को लाभ मिल सके। और सबसे महत्वपूर्ण बात जो कल तय हुई वह यह है कि एआई का भविष्य समावेशी होना चाहिए। इसे सिर्फ एक या दो देशों पर नहीं छोड़ देना चाहिए। हमें इसमें ग्लोबल साउथ के देशों को भी शामिल करना चाहिए। आप एक्सपो में देख सकते हैं भारत से सैकड़ों स्टार्टअप हैं जो पहले से ही दुनिया को यह बता रहा है कि भारतीय एआई कितना परिपक्व है। एआई के भविष्य को आकार देने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्या है जीपीएआई?
जीपीआईए अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य और सिंगापुर सहित 25 सदस्य देशों का एक समूह है। भारत 2020 में एक संस्थापक सदस्य के रूप में समूह में शामिल हुआ था। एआई के आसपास चुनौतियों और अवसरों की बेहतर समझ विकसित करने के लिए यह अपनी तरह की पहली पहल है। इस बार भारत ने जीपीआईए की अध्यक्षता संभाली है। 11 दिसंबर को एक वर्चुअल मीटिंग में भारत ने फ्रांस से अध्यक्षता की कमान हासिल की है। पढ़िए पूरी खबर…
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