
नई दिल्ली। कार्नेगी इंडिया द्वारा आयोजित ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट (Global Technology Summit 2023) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी फोर्स मल्टिप्लायर है। एक शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित होकर देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर उपस्थित छात्रों को शिक्षा देता है। टेलीमेडिसिन की व्यवस्था में आप देख सकते हैं कि किस तरह देश के बड़े-बड़े शहरों में बैठे डॉक्टर सुदूर में बैठे मरीज का इलाज कर रहा है।"
उन्होंने कहा, "आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र होगा जहां टेक्नोलॉजी की पहुंच न हो और उसने मानव का जीवन आसान न किया हो। शिक्षा और स्वस्थ्य जैसे मुख्य क्षेत्र के अलावा पब्लिक सर्विस और बैंकिंग सेक्टर जैसे क्षेत्रों में भी टेक्नोलॉजी हमारी क्षमता में वृद्धि कर रही है।"
डिफेंस सेक्टर में बढ़ गया है टेक्नोलॉजी का रोल
राजनाथ सिंह ने कहा, "रक्षा क्षेत्र में भी टेक्नोलॉजी फोर्स मल्टिप्लायर का काम कर रही है। वर्तमान समय में जिस प्रकार की वैश्विक परिस्थितियां हम अपने आसपास देख रहे हैं उसमें टेक्नोलॉजी का रोल डिफेंस सेक्टर में और भी ज्यादा बढ़ जाता है। पिछले एक-दो साल में जिस तरह के हालात उत्पन्न हुए हैं चाहे वह रूस-यूक्रेन जंग हो या इजरायल-हमास संघर्ष, दोनों ही संघर्षों में जिस तरह से टेक्नोलॉजी ने एक गेम चेंजर की भूमिका निभाई है वह किसी से छिपा नहीं है।"
रक्षा मंत्री ने कहा, "उपग्रह आधारित ट्रैकिंग सिस्टम, ड्रोन्स, गाइडेड मिसाइल्स और राडार जैसे एडवांस टेक्नोलॉजी ने जिस तरह से युद्ध के परिदृश्य को बदला है उसे हम सब देख रहे हैं।"
अमिताभ कांत बोले-राष्ट्रीय संपत्ति हैं स्टार्टअप
ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट 2023 में भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने बताया कि कैसे भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के ढांचे को आकार देने का बीड़ा उठाया है और इसमें किस तरह टेक्नोलॉजी बड़ी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भारत के G20 कार्यकाल ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एक रूपरेखा दी है। अमिताभ कांत ने कहा कि स्टार्टअप राष्ट्रीय संपत्ति हैं। भारत तकनीकी रूप से पोल-वॉल्टेड है।
किरणशॉ बोलीं- बायोटेक्नोलॉजी के लिए यह रोमांचक समय
टेक्नोलॉजी समिट 2023 में बायोकॉन की कार्यकारी अध्यक्ष किरण शॉ ने कहा कि यह समय बायोटेक्नोलॉजी के लिए बहुत ही रोमांचक है। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और एआई से बड़ा बदलाव आया है। बायाटेक्नोलॉजी में टेक्नोलॉजी से पहले से अनुमान लगाए जाने वाले एल्गोरिदम पर काम किया जा सकता है।
किरण शॉ ने कहा कि रेगुलेटर टेक्नोलॉजी को अपनाने में धीमे हैं। हमें तकनीक-प्रेमी नियामकों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। हमें नीति निर्माताओं और नियामकों को टेक्नोलॉजी की शक्ति के बारे में सोचने पर मजबूर करना होगा। नीति निर्माताओं को सुधारों में टेक्नोलॉजी को शामिल करने की जरूरत है। भारत आज वही कर रहा है।
एस कृष्णन बोले- कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम करना होगा सुनिश्चित
ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट 2023 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने कहा कि भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि हम कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में सक्षम हों। हमें सफलताएं मिली हैं। आज हमारे सामने ऐसी स्थिति है जहां चिप्स का डिजाइन वास्तव में भारत में होता है। भारत अपनी जटिल राजनीतिक व्यवस्था के साथ आगे बढ़ रहा है। AI कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह अब यूजर स्तर पर उपलब्ध है। इस क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देना चाहिए।
एस कृष्णन ने कहा कि टेक्नोलॉजी में लोगों के एक बड़े वर्ग को शामिल करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि लोग छूट न जाएं। एक कौशल एजेंडा है जिस पर काम करने की जरूरत है। सरकार इस पर काम कर रही है।
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