
इंदौर(मध्य प्रदेश). कोई भी साग-सब्जी हेल्थ के लिए नुकसानदायक नहीं होती है, लेकिन अगर वो सड़-गल चुकी है या दूषित हो चुकी है, तो जानलेवा भी साबित हो सकती है। इंदौर का ताजा मामला इसका उदाहरण है। यूट्यूब देखकर अपनी बीमारी का इलाज करने की कोशिश में इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र के स्वर्ण बाग कॉलोनी में रहने वाले एक शख्स की जान चली गई।उसने यूट्यूब पर इलाज सर्च किया और उसमें बताए अनुसार जंगली लौकी का जूस पी लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पढ़िए पूरी डिटेल्स
धर्मेंद्र नामक शख्स के दोस्तों ने बताया कि धर्मेंद्र के हाथ में दर्द हो रहा था। उसने यूट्यूब पर इसका इलाज ढूंढ़ा। उससे पता चला कि लौकी का जूस पीने से हाथ दर्द चला जाता है। उसी के अनुसार धर्मेंद्र ने लौकी का जूस बनाकर पीया। लेकिन कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। पर उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय हॉस्पिटल भिजवाया, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।
इंदौर की विजयनगर पुलिस के मुताबिक 35 साल का धर्मेन्द्र ड्राइवर था। मूल रूप से खंडवा का रहने वाला धर्मेंद्र इंदौर में स्वर्ण बाग कॉलोनी में रहता था। हालांकि पुलिस शॉर्ट पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत की वजह सामने आ सके। हाथ दर्द का धर्मेंद्र ने डॉक्टर से इलाज भी कराया था। लेकिन जब कोई आराम नहीं मिला, तो उसने मोबाइल में यूट्यूब पर इसका इलाज खोजा। घटना मंगलवार(8 नवंबर) की है। धर्मेंद्र खुद जंगल से लौकी तोड़कर लाया था।
4 साल पहले कड़वी लौकी का जूस पीने से पुणे में 42 साल की एक इंजीनियर की मौत हो गई थी। तब डॉक्टरों ने बताया था कि कड़वी लौकी के जूस का जहर महिला के शरीर में फैल गया। जहर से उसकी लिवर-किडनी फेल हुई और फिर ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई।
इससे पहले 2010 में लौकी का जूस पीने से ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के एक IAS ऑफिसर की मौत हो गई थी। इस मौत की असली वजह जानने सरकार ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अंडर में कमेटी बनाकर जांच करवाई थी। कमेटी की रिसर्च में बताया गया था कि स्वाद में कड़वी लगने वाली लौकी जहरीली हो जाती है। इसका जूस नहीं पीना चाहिए।
2011 में इस सरकारी कमेटी के मेंबर्स रहे ICMR के तत्कालीन डायरेक्टर (जोधपुर) डॉ. जीएस टोटेजा ने मीडिया से से बातचीत में कहा था कि कड़वी लौकी का जूस पीने से बचना चाहिए। ऐसी लौकी में जहरीला 'कुकरबिटासिन' केमिकल पैदा हो जाता है। यह शरीर में जाने के एवरेज 5 मिनट के अंदर खून के रास्ते लिवर और किडनी सहित तमाम अंगों तक पहुंच जाता है। इससे ऑर्गन फेल हो जाते हैं। लौकी की पहचान सिर्फ चखकर ही संभव है। उसका एक टुकड़ा चखें। अगर कड़वी लगे, तो तुरंत थूक दें। कुल्ला कर लें। साथ ही इसकी सब्जी बनाने से भी परहेज करें। कड़वी लौकी का जूस या सब्जी खाने के बाद अगर ब्लड प्रेशर, बेचैनी, घबराहट, डायरिया या उल्टी जैसी नौबत लगे, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
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