
नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के सरकारी फैसले की जानकारी पहले से किसी नागरिक या पत्रकार को नहीं थी। संसद में कार्यवाही के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा में इस बात की जानकारी दी। बता दें कि सोशल मीडिया पर कई व्हाट्सएप चैट वायरल हुए थे, जिसके बाद आरोप लगने लगे थे कि धारा 370 हटाने की जानकारी पहले से ही कुछ पत्रकारों को थी।
सरकार ने बुधवार को इस बात से इनकार किया। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू और कश्मीर से 370 हटाने का फैसला किया था। राज्यसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि नहीं इस फैसले की जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं थी।
एक सवाल के जवाब में बताया गया कि सुरक्षा को देखते हुए पूर्व में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा राज्य में इंटरनेट को वक्त-वक्त पर रेगुलेट किया जा रहा था। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी पालन किया गया। गृह मंत्रालय के मुताबिक, गांदरबल और उधमपुर में 16-08-20 को ही 4 जी सर्विस शुरू कर दी गई थी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के बाकी जिलों में 5 फरवरी 2021 को सर्विस शुरू कर दी गई।
साल 2019 में अगस्त में जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया था, तब इंटरनेट सर्विस पर बैन लगा दिया गया था। ताकि किसी तरह की अफवाह ना फैल पाए।
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