
नई दिल्ली. इस समय देश में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर(Gyanvapi Masjid Case) का मामला गर्माया हुआ है। इस मामला लगातार सोशल मीडिया और मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। इस मसले पर नेताओं की टीका-टिप्पणी के बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतनलाल((Associate professor of Delhi University Ratan Lal arrest) की सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने बवाल खड़ा कर दिया है। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर(Gyanvapi Masjid Case) में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतनलाल को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को अरेस्ट किया है। उनकी गिरफ्तारी को लेकर बवाल होने की आशंका है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में आज(21 मई) को स्टूडेंट़्स से जुटने की अपील की गई थी। इसके बाद प्रदर्शन किया गया। बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi Mosque case) में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने इस मामले को जिला जज के पास भेजा है। 8 सप्ताह तक सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश जारी रहेगा। जुलाई के दूसरे सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में अगली सुनवाई होगी।
हिंदू पक्ष की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी
दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को शुक्रवार रात वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर पाए गए एक 'शिवलिंग' के दावों का जिक्र करते हुए आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया है। प्रोफेसर के खिलाफ नार्थ डिस्ट्रिक्ट के साइबर सेल में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य करना) और 295 ए (जानबूझकर कार्य करना) के केस दर्ज किया है।
दिल्ली के एक वकील विनीत जिंदल ने मंगलवार को यह शिकायत दर्ज कराई थी। रतनलाल ने शिवलिंग पर अपमानजनक, भड़काऊ और भड़काऊ ट्वीट शेयर किया था। जिंदल ने FIR में लिखवाया कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पाए गए एक 'शिवलिंग' के मुद्दे पर एक आपत्तिजनक पोस्ट शेयर की गई। यह मुद्दा बहुत संवेदनशील है और मामला अदालत के समक्ष लंबित है।
रतनलाल ने दिया तर्क
अपनी सफाई देते हुए प्रोफेसर लाल ने पहले कहा था कि भारत में, यदि आप कुछ भी बोलते हैं, तो किसी न किसी की भावना आहत होगी। इसलिए यह कोई नई बात नहीं है। मैं एक इतिहासकार हूं और मैंने कई टिप्पणियां की हैं। मैंने अपनी पोस्ट में बहुत सुरक्षित भाषा का इस्तेमाल किया है और अब भी मैं अपना बचाव करूंगा।
सोशल मीडिया पर उठा मुद्दा
प्रोफेसर रतनलाल की गिरफ्तारी का मुद्दा सोशल मीडिया पर तूल पकड़ा हुआ है। पढ़िए कुछ पोस्ट...
1. प्रोफ़ेसर रतन लाल के समर्थन में कल(21 मई) दिल्ली विश्वविद्यालय में जुटने की अपील की गई है। आ सकें तो आइएगा।
2. दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. रतन लाल जी को रिहा करो।
3.DU के प्रोफेसर रतन लाल गिरफ्तार, पूज्य शिवलिंग के विरुद्ध की थी बेहद ही अपमानजनक पोस्ट।
4.जब प्रोफेसर रतन लाल ने गिरफ्तारी से आहत होकर कहा, मैं दलित को हिन्दू नहीं मानता।
5. रतनलाल को बाइज्जत बरी करना चाहिए। वह कोई अपराधी नहीं हैं, एक हिस्ट्री के प्रोफेसर हैं।
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