
नई दिल्ली. सरकार ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन के प्रोडक्शन और सप्लाई को ऑडिट कराने की मांग पर पलटवार किया है। साथ ही पूरी कांग्रेस पार्टी को कन्फ्यूज्ड बताया। दरअसल, चिदंबरम ने दोनों वैक्सीन कंपनियों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हर दिन 'मिसिंग वैक्सीन' का रहस्य गहराता जा रहा है।
इस पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने पलटवार किया। पुरी ने कहा, कांग्रेस पार्टी कन्फ्यूज्ड है। कुछ नेता घरेलू स्तर पर बनी वैक्सीन के असर पर सवाल उठाकर इसे लेकर डर और संदेह पैदा किया। अब यही नेता चाहते हैं कि ये कंपनियां इतनी वैक्सीन बनाएं क हर भारतीय को टीका लग जाए। वहीं, अब एक और नेता कह रहे हैं कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को ऑडिट किया जाए।
सार्वजनिक क्षेत्र की वैक्सीन निर्माण सेवाएं की गईं बंद
पुरी ने आरोप लगाया कि चिदंबरम मनमोहन सिंह सरकार का हिस्सा थे, जिसने 2008 में सार्वजनिक क्षेत्र की वैक्सीन निर्माण सुविधाओं को खत्म कर दिया था। उन्होंने पूछा कि क्या इन घरेलू फर्मों के खिलाफ जानबूझकर ऐसी कार्रवाई की गई थी, ताकि वैक्सीन आयात पर निर्भरता बढ़ाई जा सके?
क्या कहा था चिदंबरम ने?
चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा था, हर दिन 'मिसिंग वैक्सीन' का रहस्य गहराता जा रहा है। भारत बायोटेक ने टीकों के एक बैच के उत्पादन के लिए आवश्यक 'लीड टाइम' के बारे में दिए बयान से और भ्रम पैदा हो गया है। उन्होंने कहा, क्षमता और उत्पादन अलग अलग चीज है। हमें वैक्सीन निर्माता कंपनियों द्वारा उत्पादित वैक्सीन की वास्तविक मात्रा के बारे में जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा हमें पता होना चाहिए कि किसे और कब वैक्सीन की आपूर्ति की गई, यह बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, वैक्सीन के प्रोडक्शन और सप्लाई का सीएजी ऑडिट होना चाहिए।
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