डील रद्द होने के बाद भारत बॉयोटेक ने कहा- हमें ब्राजील से नहीं मिला था एडंवास पेमेंट

Published : Jun 30, 2021, 09:55 PM IST
डील रद्द होने के बाद भारत बॉयोटेक ने कहा- हमें ब्राजील से नहीं मिला था एडंवास पेमेंट

सार

कंपनी को भारत के बाहर की सरकारों को आपूर्ति के लिए प्रति डोज 15-20 अमरीकी डॉलर के बीच टीके के मूल्य के साथ 4 जून को आपातकालीन उपयोग अनुमोदन (ईयूए) प्राप्त हुआ।

नई दिल्ली. डील में अनियमितताओं के आरोपों के बाद ब्राजील द्वारा कोवैक्सिन अनुबंध को निलंबित करने की घोषणा कर दी गई है। इस मामले में भारत बायोटेक ने कहा कि उसे कोई एडवांस पेमेंट नहीं मिला है और न ही लैटिन अमेरिकी राष्ट्र को टीकों की आपूर्ति की गई है। इंडियन मल्टीनेशनल जैव प्रौद्योगिकी फर्म (Indian multinational biotechnology firm ) ने कहा कि 8 महीने की लंबी प्रक्रिया के दौरान अनुबंधों और नियामक अनुमोदन (regulatory approvals) के लिए हर स्टेप का पालन किया गया था।

इसे भी पढ़ें- ब्राजील में कोवैक्सिन की खरीदी में भ्रष्टाचार से बवाल, खरीदी रद्द हुई, सामने आया राष्ट्रपति का 'गेम'

कंपनी को भारत के बाहर की सरकारों को आपूर्ति के लिए प्रति डोज 15-20 अमरीकी डॉलर के बीच टीके के मूल्य के साथ 4 जून को आपातकालीन उपयोग अनुमोदन (ईयूए) प्राप्त हुआ।  ब्राजील के लिए मूल्य निर्धारण 15 अमेरिकी डॉलर प्रति डोज था। ब्राजील सरकार ने 324 मिलियन अमरीकी डालर में कोवैक्सिन की 2 करोड़ खुराक खरीदने पर सहमति जताई थी, लेकिन सौदे में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद इसे निलंबित कर दिया था।  

ब्राजील स्वास्थ्य मंत्री मार्सेलो क्विरोगा ने ट्वीट कर कहा- ब्राजील सरकार ने कोवैक्सिन के लिए कोई भुगतान नहीं किया। उनका मंत्रालय विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दे के सभी पहलुओं को सत्यापित करने के लिए एक प्रशासनिक जांच करेगा। जैसे ही हमारे पास और ठोस आंकड़े होंगे, हम चर्चा करेंगे।

फरवरी में दोनों पक्षों के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन टीकों को ब्राजील में कभी नहीं पहुंचाया गया था क्योंकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी ने आयात अनुरोधों से इनकार किया था। ब्राजील की दवा कंपनी नीड मेडिसिन्स ने सौदे में दलाली की थी। विपक्ष ने जायर बोल्सोनारो पर वैक्सीन खरीद सौदे में संभावित भ्रष्टाचार की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इस बीच, ब्राजील के राष्ट्रपति ने अपनी सरकार की COVID-19 प्रतिक्रिया की जांच कर रही सीनेट समिति को अपने प्रशासन को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए फटकार लगाई।

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