
अयोध्या. अयोध्या में भगवान राम की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित करने और पर्यटन विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 447.46 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। बताया जा रहा है कि मूर्ति गुजरात में स्थापित सरदार पटेल की मूर्ति की तर्ज पर बनेगी। साथ ही भगवान राम की यह मूर्ति विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बता दें कि अयोध्या मामले में इस महीने के मध्य में यानी 17 नवंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की संभावना है। प्रदेश सरकार इससे पहले अयोध्या में विकास की शुरूआत करके माहौल बनाने की कोशिश में है। सरकार के कैबिनेट मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की भव्य मूर्ति लगाने के साथ-साथ अयोध्या का पर्यटन विकास भी किया जाएगा। जिसमें डिजिटल म्यूजियम, लाइब्रेरी, फूड प्लाजा, पार्किंग, लैंड स्केपिंग, इंटरप्रिटेटर सेंटर आदि का विकास शामिल है। इस पर दो अरब रुपये का खर्च आएगा।
पूरे प्रोजेक्ट के लिए भूमि भी आवंटित हो गई
सरकार के कैबिनेट मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने इस संबंध में पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने अयोध्या के सदर तहसील के मीरापुर में पूरे प्रोजेक्ट के लिए 61.387 हेक्टेयर भूमि भी आवंटित भी कर दी है। मूर्ति स्थापना के लिए ट्रस्ट के गठन और इसे सोसायटी एक्ट के तहत रजिस्टर करवाने की मंजूरी भी पहले ही मिल चुकी है। पहले आवंटित भूमि का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा। इसके लिए पहले ही 200 करोड़ रुपए का आवंटन हो चुका है।
दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति होगी
फिलहाल गुजरात में स्थापित सरदार पटेल की मूर्ति 182 मीटर ऊंची है। वहीं न्यूयॉर्क स्थित स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 93 मीटर है। मुंबई में प्रस्तावित शिवाजी की मूर्ति की ऊंचाई करीब 212 मीटर होगी। वहीं भगवान राम की यह मूर्ति करीब 251 मीटर ऊंची होगी।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.