
नई दिल्ली. किसान नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली हिंसा के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, कोई वहां जाता है और झंडा फहराता है। पुलिस ने फायरिंग क्यों नहीं की? पुलिस कहां थी? वह वहां कैसे गया? पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया? अभी भी कुछ नहीं किया गया है। वह व्यक्ति कौन था जिसने पूरे समुदाय को परेशान किया।
उन्होंने कहा, मैं नोटिस पढ़ूंगा, उन्होंने मुझे जवाब के लिए 3 दिन का समय दिया है। किसान यूनियनों ने अपनी जिम्मेदारी ली। हमने लिखित में दिए गए रूट का फोटो खींचा था। लेकिन पुलिस ने उन रूट पर बैरिकेट्स लगा दिए और दिल्ली का रास्ता खोल दिया।
दिल्ली पुलिस की अहम बैठक
दिल्ली हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव की अगुवाई में हाई लेवल बैठक हो रही है। बैठक में स्पेशल सीपी इंटेलिजेंस दीपेंद्र पाठक भी मौजूद हैं। दरअसल, गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली और यूपी की पुलिस पहुंच गई है। पुलिस ने किसानों से आज ही सड़क खाली करने को कहा है। बॉर्डर खाली कराने के लिए दिल्ली और यूपी की पुलिस ज्वाइंट ऑपरेशन कर सकती है।
अब तक 3 संगठन अलग हुए
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के अलावा राष्ट्रीय मजदूर किसान संगठन और भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने खुद को आंदोलन से अलग कर लिया।
गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
गाजीपुर बॉर्डर पर भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया है। पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी की करीब 10 कंपनियां तैनात हैं। गाजियाबाद पुलिस के भी बड़े अफसर तैनात हैं।
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