
CBI inquiry against Dr Satyendar Jain: दिल्ली सरकार में मंत्री रहे डॉ.सत्येंद्र जैन के खिलाफ सीबीआई जांच की मंजूरी मिल गई है। गृह मंत्रालय ने ठग सुकेश चंद्रशेखर द्वारा लगाए गए आरोपों पर जांच का आदेश दिया है। गृह मंत्रालय ने कथित तौर पर दस करोड़ रुपये की उगाही के आरोप में जेल में बंद आप मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (पीओसी) अधिनियम के तहत सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी है। कुख्यात ठग सुकेश चंद्रशेखर ने दस करोड़ रुपये एक्सटार्शन मनी सत्येंद्र जैन को देने का आरोप लगाया था। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जेल में बंद पूर्व मंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच का प्रपोजल गृह मंत्रालय को भेजा था।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी कर रही पहले ही जांच
दिल्ली सरकार के पूर्व हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी जांच चल रही है। सत्येंद्र जैन के घर की 6 जून 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तलाशी ली थी। जैन पर कोलकाता की एक कंपनी से हवाला(मनी लॉन्ड्रिंग) के जरिये लेनदेन का आरोप लगा था। रेड के दौरान उनके ठिकानों से ₹2 करोड़ से अधिक नकद और 1.8 किलोग्राम वजन का सोना जब्त हुआ था। ED ने दावा किया था कि सत्येंद्र जैन 2015-16 में कोलकाता की एक फर्म के साथ हवाला के जरिये लेनदेन किया था। जैन को 4.81 करोड़ की संपत्तियों को ED द्वारा कुर्क किए जाने के करीब 2 महीने बाद अरेस्ट किया गया। जांच एजेंसी ने CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। जैन पर आरोप लगा कि उन्होंने दिल्ली में कई मुखौटा कंपनियां बनाईं या खरीदीं और उनके माध्यम से 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को व्हाइट किया। ईडी, सत्येंद्र जैन से दिल्ली आबकारी नीति केस में भी उनसे पूछताछ कर चुकी है। अब धनउगाही के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई मंजूरी मिलने के बाद सत्येंद्र जैन के खिलाफ ईडी एक और जांच के लिए एंट्री कर सकती है।
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