
बालासोर। ओडिशा (Odisha Train Accident) के बालासोर में शुक्रवार शाम हुए ट्रेन हादसे में 280 लोगों की मौत हो गई और करीब 900 लोग घायल हुए। हादसा इतना भीषण था कि पटरी ने किसी भाले की तरह बोगी को चीर दिया और बाहर निकल गई। यह भारत में हाल के इतिहास का सबसे भीषण रेल हादसा है। इस हादसे में तीन ट्रेन (दो पैसेंजर और एक मालगाड़ी) शामिल थे।
कैसे हुआ ओडिशा ट्रेन हादसा
पश्चिम बंगाल के शालीमार से चेन्नई जा रही शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Train accident) बहनागा बाजार स्टेशन से 300 मीटर दूर पटरी से उतर गई। इसी जगह एक मालगाड़ी पहले से खड़ी थी। कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे मालगाड़ी से टकरा गए। कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे तीसरे ट्रैक पर चले गए थे। इसी दौरान बेंगलुरू-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस आ गई। इसने पटरी से उतरे कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बों को टक्कर मार दी।
शाम करीब 7 बजे हुआ ओडिशा ट्रेन हादसा
भारतीय रेलवे के कार्यकारी निदेशक अमिताभ शर्मा ने बताया कि हादसे में दो यात्री ट्रेनों की सक्रिय भागीदारी थी। तीसरी ट्रेन मालगाड़ी थी। वह मौके पर खड़ी थी। हादसा शाम करीब 7 बजे हुआ। उस वक्त बहुत से यात्री सो रहे थे।
हादसे के वक्त तेज थी कोरोमंडल शालीमार एक्सप्रेस की रफ्तार
चेन्नई जा रही कोरोमंडल शालीमार एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी और मालगाड़ी से टकरा गई। इससे मालगाड़ी के डिब्बे भी पलट गए। इसके बाद यशवंतपुर-हावड़ा सुपरफास्ट पटरी से उतरे डिब्बों से टकरा गई। हादसे के वक्त कोरोमंडल शालीमार एक्सप्रेस और यशवंतपुर-हावड़ा सुपरफास्ट की तेज रफ्तार से चल रही थी।
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