हूल दिवस पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, संथाल विद्रोह के नायकों को किया याद

Published : Jun 30, 2026, 10:01 AM IST
Union Home Minister Amit Shah (File Photo/ANI)

सार

हूल दिवस के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने 1855 की संथाल क्रांति के नायकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो के बलिदान को याद किया। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भी वीर सेनानियों को नमन किया।

नई दिल्ली [भारत], 30 जून (एएनआई): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को 'हूल दिवस' के अवसर पर संथाल क्रांति के आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दिवस हर साल 30 जून को 1855 में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ हुए विद्रोह की याद में मनाया जाता है।

एक्स पर एक पोस्ट में, शाह ने विद्रोह के नेताओं की प्रशंसा की और क्रांति में सिदो-कान्हू मुर्मू, चांद-भैरव और फूलो-झानो की विरासत का सम्मान किया। शाह ने कहा, "जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि के लिए संथाल क्रांति में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी बलिदानियों को 'हूल दिवस' के अवसर पर स्मरण कर नमन करता हूँ।"

जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि के लिए संथाल क्रांति में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी बलिदानियों को 'हूल दिवस' के अवसर पर स्मरण कर नमन करता हूँ। जनजातीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सिदो-कान्हू मुर्मु, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत के… pic.twitter.com/Wd7oMi8wQE — Amit Shah (@AmitShah) June 30, 2026

उन्होंने पोस्ट में कहा, "जनजातीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सिदो-कान्हू मुर्मू, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ प्रतिरोध का ऐसा शंखनाद किया, जिसने हर मन में पराधीनता के विरुद्ध प्रतिकार की चेतना जगाई।"

असम के मुख्यमंत्री ने भी दी श्रद्धांजलि

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि वीर योद्धाओं का संघर्ष इस आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण था।

हूल दिवस पर सिदो-कान्हू एवं संथाल हूल के सभी वीर सेनानियों को कोटिशः नमन। जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा अन्याय के विरुद्ध उनके साहसिक संघर्ष ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनका त्याग और बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। pic.twitter.com/HaCzJaVEbx — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 30, 2026

उन्होंने कहा, "हूल दिवस पर सिदो-कान्हू एवं संथाल हूल के सभी वीर सेनानियों को कोटिशः नमन। जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा अन्याय के विरुद्ध उनके साहसिक संघर्ष ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनका त्याग और बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।"

क्या है हूल दिवस?

हूल दिवस हर साल 30 जून को संथाल विद्रोह को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है, जिसे अक्सर 1857 के विद्रोह से भी पहले, ब्रिटिश शासन के खिलाफ सबसे शुरुआती संगठित विद्रोहों में से एक बताया जाता है।

यह आदिवासी नेताओं सिदो और कान्हू मुर्मू की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने 1855 में संथाल हूल, या विद्रोह का नेतृत्व किया था। इसका उद्देश्य आर्थिक शोषण और भूमि से बेदखली का विरोध करना था।

संथाली भाषा में "हूल" का अर्थ विद्रोह है। (एएनआई)

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