आर्थिक सुस्ती के बाद एक और झटका, पेट भरने के मामले में पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी पीछे भारत

Published : Oct 16, 2019, 01:10 PM ISTUpdated : Oct 16, 2019, 01:16 PM IST
आर्थिक सुस्ती के बाद एक और झटका, पेट भरने के मामले में पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी पीछे भारत

सार

आर्थिक सुस्ती के बीच एक और बुरी खबर आई है। दो अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्थाओं द्वारा जारी ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से भी पीछे है।

नई दिल्ली. आर्थिक सुस्ती के बीच एक और बुरी खबर आई है। दो अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्थाओं द्वारा जारी ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से भी पीछे है। भूख और कुपोषण के आधार पर जारी इस इंडेक्स में 117 देश शामिल किए गए हैं।

ग्लोबल इंडेक्स में 100 (सेवरिटी स्केल) के आधार पर नंबर दिए जाते हैं। इसमें 0 सबसे बेहतर और 100 सबसे स्कोर होता है। भारत को इस बार 30.3 स्कोर मिला है।  

55 से 102वें नंबर पर पहुंचा भारत
पिछले पांच साल से भारत का हंगर इंडेक्स में स्कोर लगातार गिर रहा है। 2014 में भारत 76 देशों में 55 वीं रैंक पर था। वहीं, 2017 में 119 देशों में 100 वें नंबर पर रहा था। 2018  में भारत 119 देशों में 103 पर पहुंच गया। इस बार 117 देशों की लिस्ट में भारत 102  नंबर पर है। 

73वें स्थान पर नेपाल और 94वें पर पाकिस्तान
इस इंडेक्स में पाकिस्तान 94वें, बांग्लादेश 88वें और नेपाल 73वें स्थान पर हैं। इस रिपोर्ट को आयरलैंड की कन्सर्न वर्ल्डवाइड और जर्मनी की वेल्थुंगरहिल्फे संस्था संयुक्त रूप से प्रकाशित करती है। 

कैसे तैयार होता है ये इंडेक्स?
इस रिपोर्ट को वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर भूख को नापने के लिए तैयार किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की आबादी की वजह से भारत के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में स्कोर पर काफी होता है। इसे कम पोषण, चाइल्ड वेस्टिंग, चाइल्ड स्टंटिंग और पांच साल से कम आयु में शिशु मृत्यु दर के आधार पर मापा जाता है। 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

LPG Crisis: गैस सिलेंडर की भारी किल्लत, बंद होने की कगार पर पहुंचे बेंगलुरू-चेन्नई, गुरुग्राम-मुंबई के रेस्टोरेंट
Hormuz Strait Crisis: 37 भारतीय जहाज फंसे-खतरें में 10,000 करोड़ की संपत्ति और 400 नाविकों की जान!