
Shivraj Singh Chouhan. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। यह कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके लिए अच्छी प्लानिंग की है। इस बीच शिवराज ने बयान दिया है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री हैं, रिजेक्टेड नहीं हैं। उन्हें पद छोड़ने के बाद भी प्रदेश की जनता से उतना ही प्यार मिल रहा है, जितना पहले मिलता था।
पूर्व सीएम शिवराज ने क्या-क्या कहा
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पुणे के एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में कार्यक्रम के दौरान कहा कि मुझे अब भले ही पूर्व मुख्यमंत्री कहा जाता है लेकिन जनता का प्यार बरकरार है। कहा कि कई बार मुख्यमंत्रियों को पद छोड़ना पड़ता है क्योंकि यह आलोचना होती है कि काफी समय से वे एक ही पद पर बने हैं। जनता मुझे आज भी मामा कहकर संबोधित करती है और यह हमेशा जारी रहेगा। आम लोगों का यही प्यार मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। कहा कि मुख्यमंत्री का पद छोड़ने का यह मतबल कतई नहीं है कि वे एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर हो गए हैं। मैं राजनीति में किसी पद की लालसा में नहीं बल्कि आम लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से हूं।
शिवराज का राजनीति में लंबा करियर
शिवराज सिंह चौहान ने बुढ़नी विधानसभा सीट से 1990 में चुनाव जीता और तभी से वे राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय हैं। अपने लंबे राजनैतिक जीवन के बारे में चौहान ने कहा कि मैं कभी अहंकार की भाषा नहीं बोलता हूं। मैंने 11 बार चुनाव जीता है लेकिन कभी अपने लिए प्रचार करने नहीं गया। मैं नॉमिनेशन से एक दिन पहले पहुंचता हूं। गांव के लोग पैसा इकट्ठा करके मेरे पास आते हैं। यदि आप ईमानदारी से चुनाव लड़ते हैं तो आम जनता आपके साथ होती है।
पहले दिए हैं इस तरह के बयान
मध्य प्रदेश में मोहन यादव को सीएम बनाए जाने के बाद शिवराज ने कुछ तल्ख बयान दिए थे। उन्होंने कहा था कि कई बार आपका राजतिलक होना होता है लेकिन वनवास मिल जाता है। लेकिन जो कुछ भी होता है, उसका बहुत बड़ा मकसद होता है।
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