तीसरे साल GOOD NEWS: जून से सितंबर तक गजब बारिश का अनुमान, केरल से कुछ किमी दूर है मानसून

Published : May 29, 2021, 12:11 PM ISTUpdated : May 29, 2021, 12:30 PM IST
तीसरे साल GOOD NEWS: जून से सितंबर तक गजब बारिश का अनुमान, केरल से कुछ किमी दूर है मानसून

सार

मानसून केरल के रास्ते में हैं। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने इसके 30 मई को केरल पहुंचने की भविष्यवाणी की है, जबकि भारतीय मौसम विभाग 31 मई की तारीख लेकर चल रही है। पिछले तीन साल की तरह इस साल भी अच्छी बारिश का अनुमान है। स्काईमेट की मानें, तो जून से सिंतबर तक 103% बारिश हो सकती है। जानिए मानसून की चाल और अनुमान से जुड़ी पूरी जानकारी...

नई दिल्ली. मानसून का इंतजार अब खत्म होने को है। मानसून केरल से 100 किमी दूर भी नहीं रह गया है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने इसके 30 मई को केरल पहुंचने की भविष्यवाणी की है, जबकि भारतीय मौसम विभाग 31 मई की तारीख लेकर चल रही है। पिछले तीन साल की तरह इस साल भी अच्छी बारिश का अनुमान है। स्काईमेट की मानें, तो जून से सिंतबर तक 103% बारिश हो सकती है।

सामान्य बारिश की भविष्यवाणी
इस साल मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे देश में अच्छी बारिश होगी। मौसम विभाग 98% तक बारिश का अनुमान लगा रहा है, जबकि स्काईमेट जून से सिंतबर तक 103% बारिश की भविष्यवाणी कर चुका है। हालांकि दोनों के अनुमान को लेकर चलें, तो इस साल की बारिश भी किसानों के लिए बेहतर रहेगी।

अनुमान है कि इस साल पूर्वी-पूर्वोत्तर, ओडिशा, बिहार, झारखंड, छग, पूर्वी उत्तर प्रदेश, असम सहित कई राज्यों में सामान्य बारिश र रहेगी। अगर स्काईमेट की मानें, तो इस साल सामान्य बारिश रहने की 60% संभावना है। इस बीच प्री मानसूनी हलचल के चलते बिहार, केरल, अंडमान-निकोबार में भारी बारिश, जबकि मप्र, उत्तरप्रदेश, झारखंड, छग और राजस्थान आदि में तेज हवाओं के साथ बूंदाबादी होगी।

ऐसे होती है मानसून के केरल पहुंचने की पुष्टि
मौसम विभाग दक्षिण-पश्चिम हवाओं के रुख, बारिश-हवा और रेडिएशन के आधार पर केरल में मानसून पहुंचने का ऐलान करता है। बीते कुछ दिनों से ऐसा ही मौसम बना हुआ है। शुक्रवार को मौसम विभाग ने घोषणा करते हुए कहा कि मानसून केरल के नजदीक है। यानी यह अब कोमोरिन सागर में तटों से 100 किमी के अंदर प्रवेश कर चुका है। वहीं अगर केरल, लक्षद्वीप और कर्नाटक के 14 मौसम केंद्रों में से 60% केंद्रों पर 10 मई के बाद अगर लगातार दो दिनों तक 2.5 मिमी या ज्यादा बारिश दर्ज होती है, तो इसे मानसून की आमद माना जाता है। आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता रहा है। भारत मौसम विभाग (IMD) के महानिदेशक डॉ मृत्युञ्जय महापात्र के मुताबिक, दो भीषण चक्रवाती तूफानों के गुजरने के बाद अब कहीं कम दबाव का क्षेत्र नहीं है। यानी मानसून भी सामान्य रहने के आसार हैं।

मानसून की चाल, अब कहां, जानिए...

  • 29 मई:  राजस्थान के अलग-अलग स्थानों पर बिजली तथा प्रचंड हवा (गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक) के साथ गरज के साथ वर्षा होने का अनुमान, उत्तराखंड, झारखंड, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना के ऊपर अलग-अलग स्थानों परबिजली तथा प्रचंड हवा (गति 30-40 किमी प्रति घंटे तक), उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, कोंकण एवं गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश एवं यानम, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईकल, केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ वर्षा होने का अनुमान है।
  •  यह भी जानें: श्चिम राजस्थान के अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आंधी/ धूल भरी हवा (गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक) के बहने का अनुमान है। बिहार, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह तथा केरल एवं माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है। चक्रवाती मौसम (हवा की गति के 40-50 किमी प्रति घंटे) के दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य और उत्तर पश्चिम अरब सागर, गुजरात-महाराष्ट्र तट के ऊपर उत्तर पूर्व अरब सागर तथा दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और कोमोरीन क्षेत्र तथा तटीय आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों, तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप तटों के ऊपर व्याप्त होने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।
  • 30 मई: पूर्व राजस्थान तथा केरल और माहे के अलग-अलग स्थानों पर बिजली तथा प्रचंड हवा (गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक) के साथ गरज के साथ वर्षा होने का अनुमान, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना एवं लक्षद्वीप के ऊपर अलग-अलग स्थानों पर बिजली तथा प्रचंड हवा (गति 30-40 किमी प्रति घंटे तक) के साथ वर्षा होने का अनुमान, और उत्तर प्रदेश, पूर्व मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, मराठवाड़ा, कोंकण एवं गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश एवं यानम, रायलसीमा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ वर्षा होने का अनुमान है। पश्चिम राजस्थान के अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आंधी/धूल भरी हवा (गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक) के बहने का अनुमान है। असम एवं मेघालय तथा केरल एवं माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।्र
  • यह भी जानें: चक्रवाती मौसम (हवा की गति के 40-50 किमी प्रति घंटे) के दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य और उत्तर पश्चिम अरब सागर, गुजरात-महाराष्ट्र तट के ऊपर उत्तर पूर्व अरब सागर तथा मध्य एवं दक्षिण बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका तट के ऊपर व्याप्त होने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।
  • 31 मई: पूर्व राजस्थान तथा केरल और माहे के अलग-अलग स्थानों पर बिजली तथा प्रचंड हवा (गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक) के साथ गरज के साथ वर्षा होने का अनुमान, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, तेलंगाना एवं लक्षद्वीप के ऊपर अलग-अलग स्थानों पर बिजली तथा प्रचंड हवा (गति 30-40 किमी प्रति घंटे तक) के साथ वर्षा होने का अनुमान, और उत्तर प्रदेश, ओडिशा, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण एवं गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश एवं यानम, रायलसीमा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ वर्षा होने का अनुमान है।
  • यह भी जानें: पश्चिम राजस्थान के अलग अलग स्थानों पर गरज के साथ आंधी/धूल भरी हवा (गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक) के बहने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईकल तथा केरल एवं माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है। चक्रवाती मौसम (हवा की गति के 40-50 किमी एवं बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने) के दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य और उत्तर पश्चिम अरब सागर, गुजरात-महाराष्ट्र तट के ऊपर उत्तर पूर्व अरब सागर तथा मध्य एवं दक्षिण बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका तट के ऊपर व्याप्त होने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।

  
बिहार और यूपी में 'यास' का असर
इधर, चक्रवाती तूफान यास कमजोर पड़ चुका है, लेकिन उसके असर से बिहार और यूपी के कुछ जिलों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पहले ही इसके लिए चेतावनी जारी की थी।

pic.twitter.com/NCcl1H87uN

 

pic.twitter.com/RvUtcS9mDI

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

महिला को देख पैंट खोल अश्लील इशारे करने लगा युवक, कैमरे में कैद हुई गंदी हरकत
Nitin Nabin: मोदी ने कराया BJP के बॉस का मुंह मीठा, नितिन नबीन के पदभार ग्रहण की खास तस्वीरें