Independence Day: आजादी के संघर्ष में देश कभी नहीं भूलेगा इन 15 लोगों का योगदान

Published : Aug 08, 2024, 03:17 PM ISTUpdated : Aug 08, 2024, 04:50 PM IST
Freedom Fighters of India

सार

भारत माता को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए लाखों वीर सपूतों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नेताओं ने आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया था।

नई दिल्ली। 15 अगस्त 2024 को भारत को अंग्रेजों से आजादी मिलने की 77वीं वर्षगांठ (Independence Day 2024) है। इस साल के जश्न का थीम ‘विकसित भारत’ है। यह स्वतंत्रता के 100 साल बाद यानी 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के सपने को दिखाता है। आजादी की लड़ाई में भारत के लाखों वीर सपूतों ने अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया था। आइए इनमें से 15 बड़े नामों के बारे में जानते हैं।

1. महात्मा गांधी- ब्रिटिश शासन के खिलाफ अहिंसक आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने चंपारण सत्याग्रह, खेड़ा सत्याग्रह, खिलाफत आंदोलन, असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कई बड़े आंदोलन कर ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी।

2. सुभाष चंद्र बोस- ब्रिटिश सेना के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) का नेतृत्व किया। INA में रास बिहारी बोस, लक्ष्मी स्वामीनाथन और जानकी थेवर जैसे स्वतंत्रता सेनानी शामिल थे।

3. भगत सिंह- क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया। 1928 में भगत सिंह और उनके साथियों राजगुरु व सुखदेव ने लाहौर में ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की हत्या की थी। इस मामले में तीनों को फांसी की सजा मिली थी।

4. लाला लाजपत राय- भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन के दिग्गज नेता थे। 30 अक्टूबर 1928 को उन्होंने लाहौर में साइमन कमीशन के आने का विरोध करने के लिए जुलूस का नेतृत्व किया। पुलिस अधीक्षक जेम्स ए. स्कॉट ने 'लाठीचार्ज' करने का आदेश दिया। लाला लाजपत राय गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे 17 नवंबर 1928 को उनका निधन हुआ था।

5. बाल गंगाधर तिलक - तिलक ने "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा" का नारा दिया था। वह अपने समय के सबसे लोकप्रिय प्रभावशाली लोगों में से एक थे। तिलक द्वारा शुरू किया गया गणेश चतुर्थी आज महाराष्ट्र और आस-पास के राज्यों में प्रमुख त्योहार के रूप में मनाया जाता है।

6. सरदार वल्लभभाई पटेल- पटेल ने भारत छोड़ो आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिलने पर 562 रियासतें थीं। इन्हें सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत संघ में शामिल किया था।

7. रानी लक्ष्मीबाई - लक्ष्मीबाई ने 1857 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था। उन्होंने 17 जून 1858 को ग्वालियर के फूल बाग के पास कोताह-की-सराय में कैप्टन हेनेज की कमान के तहत 8वें (किंग्स रॉयल आयरिश) हुसर्स के एक स्क्वाड्रन के खिलाफ भीषण युद्ध किया था।

8. मंगल पांडे- मंगल पांडे ने 1857 के विद्रोह को चिंगारी दी थी। वह सेना में थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर दिया था।

9. चंद्रशेखर आजाद- क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया था।

10.शिवराम राजगुरु - क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी। उन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया था।

यह भी पढ़ें- Independence Day 2024: भारत के स्वतंत्रता संग्राम को लेकर जानिए 20 खास FACT

12. गोपाल कृष्ण गोखले - गोखले महात्मा गांधी के गुरु थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई थी।

13. एनी बेसेंट- ब्रिटिश समाजवादी और महिला अधिकार कार्यकर्ता थी। उन्होंने भारत को आजादी मिले इसका समर्थन किया था।

14. खुदीराम बोस- बोस क्रांतिकारी थे। जिला जज डगलस किंग्सफोर्ड पर हमला करने के जुर्म में उन्हें 18 साल की उम्र में फांसी दी गई थी।

15. मौलाना अबुल कलाम आजाद- आजाद ने आजादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाई थी। उनका सपना एक ऐसे भारत का था जहां हिंदू और मुसलमान शांतिपूर्वक एक साथ रह सकें। उन्होंने बंटवारे का विरोध किया था।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

45 लाख के गहने देख भी नहीं डोला मन, सफाईकर्मी की ईमानदारी देख सीएम ने दिया इनाम
बाइक पर पत्नी ने 27 सेकेंड में पति को जड़े 14 थप्पड़, देखें Viral Video