Independence Day. आजादी के बाद भारत ने हर क्षेत्र में शानदार प्रगति की है। तकनीकी रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की वजह से पिछले कुछ वर्षों में भारत तकनीकी स्वतंत्रता की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ा बढ़ा। भारत की सरकारों ने लगातार साइंस एंड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया। इसी की नतीजा है कि आज चंद्रयान-3 की सफलता के लिए दुनिया भर से बझाईयां मिल रही हैं।
क्या कहती है डेलॉइट रिपोर्ट
हाल ही में प्रकाशित डेलॉइट की रिपोर्ट बताती है कि भारत ने कई सेक्चर में तेजी से तकनीकी विकास किया है। डिजिटल इंडिया, डाटा प्लानिंग, ब्लॉकचेन, आर्किटेक्चर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स की वजह से भारत ने तकनीक के क्षेत्र में करीब 15.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि की है। इस विकास की वजह से करीब 227 अरब डॉलर यानि 18,89,700 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। भारत लगातार खुद को तकनीकी तौर पर सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
इन क्षेत्रों में भारत ने तेज विकास किया
भारत में तैयार हो रहे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स
सरकार की डिजिटल इंडिया स्कीम के तहत ऐप्पल जैसी हार्डवेयर निर्माता कंपनियों को आकर्षित किया है। यह कंपनी अब चीन को छोड़कर भारत की तरफ देख रही है। भारत इस वक्त विदेशी कंपनियों पर तकनीकी निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है। अनुमान है कि हर साल भारत में करीब 2.6 मिलियन सॉफ्टवेयर डेवलपर्स तैयार हो रहे हैं, जो दुनिया भर में तकनीकी समाधान के लिए सक्षम होंगे।
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