Independence Day 2025: भारत के झंडे में 3 रंग क्यों, गोल चक्र में हैं कितनी तीलियां?

Published : Aug 14, 2025, 05:28 PM IST
Indian Flag

सार

भारत के झंडे में तीन रंग हैं। केसरिया शक्ति व साहस, सफेद शांति व सत्य और हरा जमीन की उर्वरता का प्रतीक है। नीले चक्र में 24 तीलियां हैं। किसी झंडे या पताका को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा नहीं रखा जा सकता।

Indian Flag: 15 अगस्त 2025 को देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इससे पहले से ही हर ओर तिरंगा झंडा शान से लहराता दिख रहा है। दुनिया के हर देश का अपना ध्वज होता है। यह स्वतंत्र देश का प्रतीक है। भारत के राष्ट्रीय ध्वज को उसके वर्तमान स्वरूप में 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा की बैठक में अपनाया गया था। इसे लाल किला पर पहली बार 15 अगस्त 1947 को फहराया गया।

तिरंगा के नीले चक्र में हैं कितनी तीलियां?

भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में सबसे ऊपर गहरा केसरिया, बीच में सफेद और नीचे गहरा हरा रंग बराबर अनुपात में है। ध्वज की चौड़ाई और लंबाई का अनुपात 2:3 है। सफेद पट्टी के बीच में गहरे नीले रंग का एक चक्र है। इसका डिजाइन अशोक के सारनाथ स्थित सिंह स्तंभ के टॉप पर बने चक्र जैसा है। इसका व्यास सफेद पट्टी की चौड़ाई के लगभग बराबर है। इसमें 24 तीलियां हैं।

तिरंगा के तीन रंगों का क्या है मतलब?

भारत के झंडे में सबसे ऊपरी पट्टी केसरिया रंग की है। यह देश की शक्ति और साहस का प्रतीक है। बीच की सफेद पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य का प्रतीक है। आखिरी हरी पट्टी जमीन की उर्वरता, वृद्धि और शुभता को दर्शाती है। धर्म चक्र बताता है कि गति में जीवन है।

क्या है फ्लैग कोड?

भारत के झंडे के इस्तेमाल की शर्तें फ्लैग कोड में दी गईं हैं। 26 जनवरी 2002 को फ्लैग कोड में संशोधन किया गया। इसके बाद नागरिकों को अपने घरों, ऑफिस और कारखानों पर किसी भी दिन झंडा फहराने की अनुमति मिली। पहले ऐसा सिर्फ राष्ट्रीय दिवसों पर किया जा सकता था।

भारत के झंडे का कहां इस्तेमाल हो सकता है?

  • ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जगाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल, कॉलेज, खेल शिविर, स्काउट शिविर आदि) में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा सकता है।
  • कोई भी सार्वजनिक, निजी संगठन या शैक्षणिक संस्थान का सदस्य राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान को बनाए रखते हुए किसी भी दिन इसे फहरा सकता है।
  • आम लोग अपने परिसर में ध्वज फहरा सकते हैं।

यह भी पढ़ें- स्वतंत्रता दिवस 2025 परेड: कब शुरू होगा कार्यक्रम, कहां देख सकते हैं लाइव?

राष्ट्रीय ध्वज के साथ क्या न करें?

  • ध्वज का इस्तेमाल सांप्रदायिक लाभ, कपड़ा या सजावट के लिए नहीं किया जा सकता। इसे सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाना चाहिए।
  • झंडे को जानबूझकर जमीन या फर्श को छूने या पानी में गिरने नहीं देना चाहिए।
  • झंडे को वाहनों, रेलगाड़ियों, नावों या विमानों के हुड, ऊपरी हिस्से, किनारों या पिछले हिस्से पर नहीं लपेटा जा सकता।
  • किसी अन्य ध्वज या पताका को ध्वज से ऊंचा नहीं रखा जा सकता।
  • फूल, माला या प्रतीक सहित कोई भी वस्तु ध्वज के ऊपर या उसके ऊपर नहीं रखी जा सकती।
  • तिरंगे का इस्तेमाल तोरण, रोसेट या पताका के रूप में नहीं किया जा सकता।

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