
नई दिल्ली. पड़ोसी देशों के साथ चल रहे विवाद और भविष्य के खतरों को देखते हुए भारत सरकार ने सभी स्थितियों में तैनाती में सक्षम अत्याधुनित 1,770 लड़ाकू वाहन (एफआरसीवी) को खरीदने का मन बनाया है। भारतीय सेना इन टैकों में हथियारों, मिसाइलों और सुरक्षा प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी चाहती है।
ये टैंक सेना में मैन युद्धक टैंक के तौर पर अगले 40-50 साल तक बने रहने के उद्देश्य से खरीदे जा रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल परियोजना के लिए विदेशी हथियार कंपनियों से जानकारी लेने के लिए रिक्वेस्ट फॉर इंफोर्मेशन (RFI) जारी किया है।
पुराना RFI किया रद्द
मंत्रालय द्वारा नया RFI पिछले आरएफआई को रद्द कर जारी किया गया है, जिसे नवंबर 2017 में जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि यह तकनीकी रूप से पुराना था। नए आरएफआई पर प्रतिक्रिया की स्वीकृति की अंतिम तारीख 15 सितंबर, 2021 है।
2030 तक होंगे शामिल
सेना को उम्मीद है कि 2020 तक व्यापक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत एफआरसीवी को शामिल किया जाएगा। इसमें भारतीय साझेदार के लिए डिजाइन निर्माण जानकारी भी शामिल होगी। ये टैंक भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक के रूप में 40-50 साल तक सेवा में रहेंगे।
सभी तरह के मौसम और इलाकों में हो सकेगा तैनात
तकनीकी प्रगति के तहत ये नए अत्याधुनिक और प्रौद्योगिकी में सक्षम टैंक सभी मौसमों में उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों, मैदानी इलाकों, नदी और रेगिस्तान जैसे सभी इलाकों में तैनात होने में सक्षम होंगे। इस योजना के तहत इन टैंकों के लिए सिर्फ विदेशी कंपनी ही शामिल हो पाएंगी।
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